मुजफ्फरपुर, जेएनएन। 30 अक्टूबर तक जीएसटी में निबंधित कारोबारियों को नए चालान में पेशाकर का भुगतान कर देना है। निर्धारित समय पर पेशाकर का भुगतान न करने पर जुर्माना वसूला जाएगा।

वाणिज्य कर विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, प्रोफेशनल टैक्स वर्ष 2019 -20 के संग्रहण में लगातार कमी दर्ज की जा रही है। यह स्थिति देखते हुए जीएसटी में पंजीकृत 10 हजार कारोबारियों को ऑनलाइन नोटिस जारी किया गया है। जिसमें उनसे पेशाकर मद में ढाई हजार रुपये जमा करने को कहा गया है। जमा नहीं करने पर जुर्माना वसूलने की चेतावनी दी गई है।

कारोबारी ध्यान दें

जीएसटी में निबंधित कारोबारियों को चालान के साथ अपना रजिस्ट्रेशन नंबर अथवा पैन नंबर भी दर्ज करना है।

पेशाकर जमा करने का स्लैब

- प्रोफेशनल लोगों में 3 से 5 लाख रुपये सालाना आय वर्ग को 1 हजार रुपये देय है।

- 5 से 10 लाख रुपये सालाना आय वर्ग को 2000 रुपये देय है।

- 10 लाख से अधिक आयवर्ग को 2500 रुपये टैक्स देय है।

- प्रोफेशनल लोगों को चालान के साथ अपना पैन नंबर भी दर्ज करना अनिवार्य है।

सेवा क्षेत्र के लोगों ने बरती उदासीनता 

पिछले नौ माह में उत्तर बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स में कई बार पेशाकर जमा करने के लिए शिविर का आयोजन किया गया जिसमें व्यापारी वर्ग से तो कुछ लोगों ने पैसा जमा किया है। लेकिन, सेवा क्षेत्र के लोगों ने उदासीनता बरती है। इसके साथ ही सेवा क्षेत्र के लोगों डॉक्टर, वकील, प्रोफेसर, इंजीनियर, कोचिंग संचालक आदि से निर्धारित समय पर पैसा जमा न करने पर जुर्माना वसूले जाने की तैयारी है।

वाणिज्य कर विभाग, मुजफ्फरपुर के संयुक्त आयुक्त कार्तिक कुमार सिंह ने कहा कि 30 अक्टूबर तक नोटिस के अनुरूप पेशाकर की राशि जमा नहीं करने पर सुसंगत अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

 

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