मुजफ्फरपुर : बिना ट्रेड लाइसेंस शहरी क्षेत्र में व्यवसाय करने वाली 16821 दुकानों व प्रतिष्ठानों को नगर निगम ने नोटिस भेजा है। इसमें 15 दिनों के अंदर निगम से ट्रेड लाइसेंस लेने को कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर तय समय के बाद निगम उसे सील कर देगा। विद्युत कनेक्शन आईडी के आधार पर बिना ट्रेड लाइसेंस लेने वाले व्यवसायियों को चिह्नित किया गया है।

नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय ने कहा कि बड़ी संख्या में व्यवसायी बिना ट्रेड लाइसेंस के शहरी क्षेत्र में व्यवसाय कर रहे हैं। इनकी पहचान विद्युत कनेक्शन आइडी के आधार पर की गई है। इनको नोटिस भेजा गया है। इसके बाद भी वे लाइसेंस नहीं लेते हैं तो बिहार नगरपालिका अधिनियम के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनकी दुकान या प्रतिष्ठान को सील करने के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा।

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लाइसेंस बनाने को निगम कार्यालय में खुलेगा कैंप कार्यालय

ट्रेड लाइसेंस बनाने के लिए नगर निगम कार्यालय में आठ से 24 दिसंबर तक कैंप कार्यालय चलेगा। जिन दुकानदारों व प्रतिष्ठानों को नोटिस भेजा गया है वे कैंप कार्यालय में आकर लाइसेंस बनवा सकते हैं। नगर आयुक्त ने कैंप कार्यालय के संचालन के लिए कर शाखा के सहायक प्रकाश ओझा व शमशाद आलम अंसारी, ट्रेड लाइसेंस शाखा के सहायक विभेष चंद्र ठाकुर व अरुण कुमार चौधरी को प्रतिनियुक्त किया है।

बस भाड़ा निर्धारित, संचालक जनहित में नहीं बढ़ाएंगे किराया

क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार (आरटीए) ने राज्य में बस के किराये में वृद्धि को लेकर भाड़ा निर्धारित कर दिया है। इसमें प्वाइंट टू प्वाइंट किराया तय किया गया है। नगरीय बस सेवा के लिए प्रथम स्टेज चार किमी और अगली दो किमी की होगी। वहीं लंबी दूरी की बस सेवा के भाड़े की गणना प्रथम सौ किमी तक बेसिक दर के आधार पर होगी। 101 से 250 किमी की दूरी तक के लिए उस श्रेणी के बेसिक भाड़ा की दर के आधार पर निर्धारित किराये में 20 प्रतिशत की कमी व इससे अधिक दूरी पर 30 प्रतिशत की कमी होगी। इधर, फिलहाल निजी बसों के भाड़े में वृद्धि नहीं होगी।

बिहार मोटर ट्रासपोर्ट फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष उदय शकर प्रसाद सिंह ने कहा कि जनहित में फिलहाल निजी बस भाड़ा नहीं बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना से परिवहन व्यवसाय की कमर टूट गई है। इसके बाद भी लोगों की सुविधा को देखते हुए बस भाड़ा फिलहाल नहीं बढ़ेगा।

Edited By: Jagran