मुजफ्फरपुर। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के वेब पोर्टल पर नामांकन से संबंधी सूचनाएं अपलोड नहीं करने वाले कॉलेजों में नामांकन पर रोक लगा दी जाएगी। इस समिति में अधिसूचना जारी करते हुए उन सभी कॉलेज व प्लस टू स्कूलों के प्राचार्यो को 12 मई तक का अंतिम मौका दिया है।

बताते चलें कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के वेब पोर्टल पर नामांकन से संबंधी सूचनाएं 30 अप्रैल तक अपलोड करनी थी। मगर, कॉलेज व प्लस टू स्कूल प्रबंधन वेब पोर्टल सूचनाएं अपलोड नहीं करना चाहते। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अपर सचिव ने जिला शिक्षा अधिकारी को इस मामले में पहल करने का निर्देश दिया है। इंटरस्तरीय शिक्षण संस्थान, मान्यता प्राप्त संस्थान, अंगीभूत महाविद्यालय, उत्क्रमित सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय, गैर सरकारी डिग्री कॉलेज व गैर सरकारी इंटर कॉलेजों की संख्या व सूची मांगी गई है। बताया गया है कि 12 मई तक सूचनाएं अपलोड होनी चाहिए। वेब पोर्टल पर सूचनाएं अपलोड नहीं करने वाले कॉलेजों में नामांकन पर रोक लगेगी। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।

ओएफएसएस सॉफ्टवेयर के माध्यम से छात्रों का नामांकन

सूबे के कॉलेजों व स्कूलों में इस बार बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के माध्यम से नामांकन होने जा रहा है। नई व्यवस्था चालू शैक्षणिक सत्र से ही लागू होगी। छात्रों का नामांकन 'ऑनलाइन फैसिलिटेशन सिस्टम फॉर स्टूडेंट' (ओएफएसएस) सॉफ्टवेयर के माध्यम से होगा।

इस तरह होगा नया पोर्टल :

जेनरल इनफॉर्मेशन, स्कूल / कॉलेज प्रोफाइल, इनफॉर्मेशन कॉन्टेक्ट पर्सन, ऑब्जेक्शन/रिमा‌र्क्स । नए पोर्टल पर रहेगी कॉलेजों की सूचना

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने पोर्टल जारी किया है। जिस पर कॉलेजों की सभी सूचनाएं रहेंगी। कॉलेज का प्रॉस्पेक्टस पीडीएफ में होगा। संकायवार आवंटित सीटों की संख्या रहेगी। विज्ञान संकाय के जीव विज्ञान एवं गणित में अलग-अलग आवंटित सीटों की संख्या अपलोड करने का निर्देश दिया जा चुका है। ऑनलाइन नामांकन से आएगी पारदर्शिता

नामांकन की ऑनलाइन प्रक्रिया से पारदर्शिता आने की संभावना है। मेधावी छात्रों को बेहतर कॉलेजों में दाखिले का मौका मिलेगा। वहीं छात्र घर बैठे सूबे के किसी भी कॉलेज में नामांकन के लिए आवेदन फार्म भर सकते हैं। फार्म भरने के लिए छात्रों को कॉलेज जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। बिना इंफ्रास्ट्रक्चर वाले कॉलेजों में नामांकन नहीं

न तो बिना इंफ्रास्ट्रक्चर के और न ही सीटों से अधिक कोई कॉलेज छात्रों के नामांकन ले पाएंगे। यह शिकायत आम है कि बिना इंफ्रास्ट्रक्चर वाले कॉलेजों में छात्रों की संख्या काफी होती है। दूसरी ओर अंगीभूत कॉलेजों की तुलना में संबद्ध कॉलेजों में नामांकन ज्यादा होते हैं।

Posted By: Jagran

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