दरभंगा, जेएनएन। नीतीश कुमार ने यदि आरक्षण का बीज नहीं डाला होता तो आज समाज और राजनीति में अतिपिछड़ों की भागीदारी संभव नहीं थी। पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों में अतिपिछड़ों का चालीस प्रतिशत आरक्षण है। समाज में पिछड़ों के प्रति जो हीन भावना थी, उसे नीतीश बाबू ने समाप्त कर दिया। पहले अतिपिछड़ा समाज के लोगों में आत्मविश्वास की कमी थी। कोई सोच नहीं सकता था कि जहानाबाद जैसे सामंती इलाके में कोई कहार का बेटा सांसद बन सकता है।

 जदयू ने अतिपिछड़ा नेताओं को ने केवल राजनीति में जगह दी, बल्कि चुनाव जीताकर मंत्री और सांसद बनाया। यह बातें स्थानीय डॉ. नागेंद्र झा स्टेडियम में जदयू के राष्ट्रीय महासचिव सह राज्यसभा सांसद रामचंद्र प्रसाद ङ्क्षसह ने कहीं। वे शनिवार को जदयू अतिपिछड़ा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। कहा कि लोग पूछते हैं क्यों नीतीश कुमार को ही सीएम चुने? इसका जवाब है कि बिहार और बिहार की जनता को नीतीश कुमार की जरूरत है। यदि बिहार को विकसित राज्य बनाना है तो यह नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही संभव है। न्याय के साथ विकास का संकल्प लेकर सीएम चल रहे है।

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कार्यकर्तााओं को अपना-अपना बूथ अभी से पकड़ लेने को कहा। कार्यकर्ताओं से आहृवान किया कि वे लोगों से अपना संवाद लगातार जारी रखें। ये मत सोचे की किसने लोकसभा चुनाव में वोट दिया है, किसने नहीं। यह पता लगाएं कि आखिर उन्होंने क्यों नहीं पार्टी को वोट किया। इसके पीछे के कारण का पता करें। तब तक उनसे संवाद करें, जबतक वे पूरी तरह संतुष्ट न हो जाएं। कहा कि विधानसभा चुनाव में एक-एक वोट नीतीश कुमार की झोली में डालने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने सभी वर्गों के लिए काम किया। सीएम सही दिशा में बिहार को लेकर चल रहे है।

 राज्यसभा सांसद ने कहा कि अगर किसी योजना के लागू करने से समाज का विकास हो सकता है तो वे इसका सुझाव दें। इसपर अमल किया जाएगा। उन्होंने बच्चों को पढ़ा-लिखा कर शिक्षित बनाने की अपील की। सभा को जल संसाधन मंत्री संजय झा, आपदा मंत्री लक्ष्मेश्वर राय, खाद्य आपूर्ति मंत्री मदन सहनी, जहानाबाद के सांसद चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी, पूर्व सांसद मो. अली अशरफ फातमी, मंगनी लाल मंडल आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नित्यानंद मंडल ने की। जबकि संचालन गोपाल मंडल ने किया।

Posted By: Ajit Kumar

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