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मुजफ्फरपुर में एके 47 तस्करी के आरोपी भैरव त्रिपाठी की संपत्ति होगी जब्त, एनआइए ने की कार्रवाई

Published: Thu, 03 Sep 2026 02:02 PM (IST)

मुजफ्फरपुर में एके-47 राइफल बरामदगी मामले में एनआईए के हत्थे चढ़े शातिर भैरव त्रिपाठी उर्फ मास्टर की अवैध संपत्ति जब्त ...और पढ़ें

भैरव त्रिपाठी उर्फ मास्टर। फाइल फोटो

भैरव त्रिपाठी उर्फ मास्टर। फाइल फोटो  

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Bhairav Tripathi Muzaffarpur: एके-47 राइफल बरामदगी मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) के हत्थे चढ़े शातिर भैरव त्रिपाठी उर्फ मास्टर की संपत्ति जब्त की जाएगी।

इसके लिए विशेष टीम उसकी संपत्तियों का ब्योरा जुटाने में लगी है। टीम ने अंचल और निबंधन कार्यालय से संपर्क साधकर जांच शुरू कर दी है।

अवैध संपत्ति की पड़ताल

पुलिस अधिकारियों के अनुसार अपराध से अर्जित भैरव की संपत्ति का आकलन किया जा रहा है। पूरी रिपोर्ट तैयार होने के बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) की धारा 107 के तहत संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया पूरी होगी। मामले की शुरुआती रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेज दी गई है।

सहयोगियों पर भी शिकंजा

हथियार तस्करी से जुड़े भैरव के अन्य साथियों की गतिविधियों और संपत्तियों की भी गहन छानबीन चल रही है। विशेष टीम ने कुछ समय पहले भैरव को ब्रह्मपुरा इलाके से गिरफ्तार किया था। एनआइए का आरोप है कि उसने नगालैंड से प्रतिबंधित हथियार बिहार लाने की गंभीर साजिश रची थी।

राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला

एनआइए ने इस पूरे नेटवर्क को देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील मामला माना है। 7 मई 2024 को फकुली थाना पुलिस ने मुर्गटिया पुल के पास से लेंस और जिंदा कारतूस के साथ एक एके-47 राइफल बरामद की थी। उस समय मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

तीन पूरक आरोपपत्र दाखिल

मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए एनआइए की ओर से अब तक तीन सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं। पहली चार्जशीट विकास कुमार, सत्यम कुमार, देवमणि राय और अहमद अंसारी के खिलाफ पेश हुई थी। इसके बाद मंजूर खान और फिर कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया।

आठ गंभीर मामले दर्ज

एनआइए और एसटीएफ की संयुक्त टीम सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

भैरव पर एनआइए दिल्ली और बिहार के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के करीब आठ मामले दर्ज हैं। पूछताछ में यह खुलासा हुआ था कि वह शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक अपराधियों को अवैध हथियारों की सप्लाई करता था।