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नेपाल में सुनसरी घटना पर गरमाया मुद्दा, 14 दिन बाद सरकार से समझौते पर थमा आंदोलन

By Amrendra TiwariEdited By: Dharmendra Singh
Published: Tue, 11 Aug 2026 07:57 PM (IST)

नेपाल में सुनसरी के देवानगंज घटना को लेकर 14 दिनों से चल रहा आंदोलन सरकार के साथ चार सूत्रीय लिखित ...और पढ़ें

नेपाल में आंदोलन 14 दिन बाद थम गया।

नेपाल में आंदोलन 14 दिन बाद थम गया।

HighLights

  1. सुनसरी देवानगंज घटना पर 14 दिन का आंदोलन समाप्त।

  2. विनय यादव ने सरकार से समझौते के बाद अनशन तोड़ा।

  3. नेपाल में सुरक्षा, धार्मिक पहचान के मुद्दे अभी भी अहम।

अमरेन्द्र तिवारी, मुजफ्फरपुर । नेपाल में सुनसरी के देवानगंज की घटना को लेकर शुरू हुआ आंदोलन 14 दिन बाद फिलहाल थम गया है। काठमांडू के माइतीघर मंडला में आमरण अनशन पर बैठे राष्ट्रीय एकता दल के अध्यक्ष विनय यादव ने सरकार के साथ चार सूत्रीय लिखित समझौते के बाद अनशन समाप्त कर दिया। हालांकि, आंदोलन की मांगों ने नेपाल में सुरक्षा, धार्मिक पहचान और घुसपैठ जैसे मुद्दों को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

देवानगंज घटना बनी आंदोलन की वजह

सुनसरी जिले के देवानगंज गांवपालिका-3, कप्तानगंज में हुई घटना के पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर विनय यादव ने आमरण अनशन शुरू किया था। उन्होंने सरकार के समक्ष छह सूत्रीय मांगें रखीं। इसमें पीड़ित परिवारों के लिए न्याय, सुरक्षा व्यवस्था और दीर्घकालिक नीतिगत स्पष्टता की मांग प्रमुख रही।

सरकार से लिखित समझौते के बाद अनशन खत्म

विनय यादव के अनुसार सरकार ने पीड़ित और प्रभावित परिवारों के पक्ष में कार्रवाई करने की प्रतिबद्धता जताई है। सरकार के प्रतिनिधियों के साथ चार सूत्रीय लिखित समझौता होने के बाद फिलहाल आंदोलन स्थगित किया गया है। अनशन समाप्त कराने के दौरान एक कुमारी कन्या ने उन्हें जूस पिलाया।

नेपाल में पहचान और सुरक्षा पर बहस

इस आंदोलन के बहाने नेपाल में धार्मिक पहचान, सुरक्षा और सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है। यादव ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दल हिंदू धर्म, संस्कृति और पहचान के संरक्षण के लिए आगे भी शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखेगा।

मुस्लिम आरक्षण और रोहिंग्या का मुद्दा उठाया

यादव ने नेपाल में मुस्लिम आरक्षण समाप्त करने और रोहिंग्या लोगों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर निकालने की मांग भी उठाई। इन मांगों के साथ आंदोलन ने नेपाल में सामाजिक और राजनीतिक नीतियों को लेकर चल रही बहस को भी सामने ला दिया है।

14 दिन बाद आंदोलन थमा, निगाह अब सरकार के कदम पर

चार सूत्रीय समझौते के बाद अनशन समाप्त हो गया है, लेकिन आंदोलन से जुड़ी मांगें अभी खत्म नहीं हुई हैं। अब नजर सरकार की ओर से पीड़ित परिवारों के लिए किए गए वादों पर कार्रवाई और सुरक्षा संबंधी कदमों पर रहेगी। विनय यादव ने भी स्पष्ट किया है कि मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो उनका संगठन आगे शांतिपूर्ण आंदोलन कर सकता है।