बेतिया। सरकार ने मझौलिया प्रखंड के चनायन बांध पंचायत में आरटीपीएस कार्यालय तो खोल दिया है। लेकिन कार्य नहीं होने से आरटीपीएस कार्यालय मात्र शोभा की वस्तु साबित हो रही है। इसका कोई लाभ पंचायत वासियों को नहीं मिल रहा है। मुखिया कंचन शाही ने बताया कि लगभग तीन साल पहले आरटीपीएस कार्यालय खोला गया था। लेकिन, पंचायत वासियों को इससे कोई लाभ नहीं मिल सका। आज भी ग्रामीण जाति, निवास, आय, दाखिल खारिज, जन्म मृत्यु पंजीकरण, किसान पंजीकरण आदि सारी प्रक्रियाओं से वंचित है। कृष्णा तिवारी, झुन्ना शाही, गुंजन मिश्रा, पर्सन मांझी, अखिलेश यादव, प्रमोद पटेल, वीरेंद्र प्रसाद, गफ्फार अंसारी आदि ने बताते हैं कि पंचायत में आरटीपीएस कार्यालय खुल तो गया। लेकिन, आज तक इसका कोई भी लाभ ग्रामीण को नहीं मिल पाए हैं। बताया जाता है कि सुरक्षा की ²ष्टिकोण से आरटीपीएस कार्यालय में रखे गए कंप्यूटर उपकरण आदि मुखिया कंचन शाही ने अपनी देखरेख में रखा है। समाजसेवी विवेक शाही का कहना हैं कि प्रखंड मुख्यालय की दूरी यहां से लगभग छह किलोमीटर है। जिसके कारण ग्रामीण आय, जाति निवास, जन्म मृत्यु पंजीकरण, दाखिल खारिज आदि के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाते रहते है। बताते चलें कि कभी पैक्स चुनाव तो कभी विधानसभा चुनाव तो कभी लोकसभा चुनाव तो कभी पंचायत चुनाव को लेकर जिला मुख्यालय में मतदाता सूची बनाने के लिए डाटा ऑपरेटरों को डिपटेशन पर रख लिया जाता है। जिसके कारण पंचायत का आरटीपीएस कार्यालय शोभा की वस्तु बनकर रह गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब पंचायत स्थित आरटीपीएस कार्यालय में डाटा ऑपरेटर को नियमित रूप से उपलब्ध कराने की मांग की। इस संदर्भ में प्रखंड विकास पदाधिकारी बैजू कुमार मिश्रा का कहना है कि इस बाबत जांच कराते हुए समस्या से निजात दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

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