विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मुजफ्फरपुर में जर्जर सड़क से परेशान युवक टावर पर चढ़ा, बीडीओ ने कीचड़ में पहुंकर दिया आश्वासन

Published: Fri, 11 Sep 2026 10:56 PM (GMT+05:30)

मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में जर्जर सड़क के निर्माण की मांग को लेकर एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। चार ...और पढ़ें

टावर पर चढ़ा युवक और कीचड़ से सनी सड़क से होकर पैदल गुजरते बीडीओ। फोटो: जागरण

टावर पर चढ़ा युवक और कीचड़ से सनी सड़क से होकर पैदल गुजरते बीडीओ। फोटो: जागरण

HighLights

  1. मोतीपुर में जर्जर सड़क के विरोध में युवक टावर पर चढ़ा।

  2. बीडीओ ने कीचड़ भरी सड़क पर चलकर समस्या को समझा।

  3. अधिकारियों ने सड़क निर्माण और मरम्मत का आश्वासन दिया।

संवाद सहयोगी, मोतीपुर (मुजफ्फरपुर)। Muzaffarpur Mobile Tower Drama: मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर प्रखंड में जर्जर सड़क की समस्या से परेशान एक युवक शुक्रवार को मोबाइल टावर पर चढ़ गया।

बरुराज थाना क्षेत्र के मोहद्दीपुर बाड़ा बैजनाथ गांव की खंडहर हो चुकी सड़क के निर्माण की मांग को लेकर 18 वर्षीय कृष्ण कुमार पासवान ने यह कदम उठाया। युवक के टावर पर चढ़ने की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।

चार घंटे तक ड्रामा

सूचना मिलने के बाद मोतीपुर बीडीओ और बरूराज पुलिस मौके पर पहुंची। प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों के समझाने के बावजूद युवक वरीय अधिकारियों को बुलाने और सड़क निर्माण के ठोस आश्वासन पर अड़ा रहा।

जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की उपेक्षा से दुखी युवक करीब चार घंटे तक टावर पर ही डटा रहा।

घुटने भर पानी में बीडीओ

युवक के समर्थन में आए ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे प्रखंड विकास अधिकारी से जर्जर सड़क पर पैदल चलने का आग्रह किया।

स्थिति को देखते हुए बीडीओ ग्रामीणों के साथ घुटने भर भरे पानी और कीचड़ में जूते पहनकर चले। ग्रामीणों का कहना था कि अब बीडीओ को उनकी रोजमर्रा की तकलीफों का असल अहसास हुआ होगा।

डीएम को भेजेंगे प्रस्ताव

बीडीओ ने युवक और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जर्जर सड़क के स्थायी निर्माण का प्रस्ताव आज ही जिलाधिकारी को भेजा जाएगा।

इसके साथ ही उन्होंने तत्काल राहत के लिए सड़क पर छाई (राख) डलवाकर गड्डों को भरने और आवागमन लायक बनाने का भरोसा दिया।

आश्वासन के बाद उतरा युवक

बीडीओ से लिखित और मौखिक आश्वासन मिलने के बाद ही युवक सुरक्षित टावर से नीचे उतरा, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने राहत की सांस ली।

ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि अब वे स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी इस कीचड़ भरी सड़क पर पैदल चलाएंगे, ताकि उन्हें भी आम जनता का दर्द समझ आ सके।