विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मुजफ्फरपुर से हरियाणा जाने के लिए निकली महिला पहुंच गई देह व्यापार के अड्डे पर, दो महिलाओं को 10 साल की सजा

Published: Tue, 15 Sep 2026 09:37 PM (IST)

मुजफ्फरपुर की एक महिला को किशनगंज में देह व्यापार के लिए मजबूर करने के आरोप में दो महिलाओं को 10 ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. मुजफ्फरपुर महिला देह व्यापार मामले में दो को 10 साल कैद।

  2. किशनगंज से 24 अन्य लड़कियों सहित पीड़िता को मुक्त कराया गया।

  3. मुख्य सरगना अंजू देवी अभी भी फरार, पुलिस तलाश जारी।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। मुशहरी इलाके की महिला को किशनगंज में देह व्यापार के ठिकाने से मुक्त कराने के मामले में पकड़ी गईं दो दोषी महिलाओं को मंगलवार को सजा सुनाई गई।

इसमें किशनगंज जिले के मछबाड़ा खगड़ा वार्ड-33 निवासी गुड़िया देवी उर्फ गुड़िया व कटहलबाड़ी की लाडली बेगम शामिल है। उसे 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा के साथ 77 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है।

जुर्माना राशि नहीं देने पर एक वर्ष अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। सत्र-विचारण के बाद जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-तीन सुमन कुमार दिवाकर ने यह सजा सुनाई। अपर लोक अभियोजक अनिल कुमार ने गवाहों का बयान कराया।

16 फरवरी 2025 को मुशहरी थाना क्षेत्र के एक गांव की 21 वर्षीया महिला पति के पास हरियाणा जाने के लिए निकली थी। मानसिक रूप से अस्वस्थ होने से समस्तीपुर स्टेशन पर इस रैकेट की मुख्य सरगना किशनगंज की अंजू देवी के चंगुल में फंस गईं।

अंजू उसे बहला-फुसलाकर किशनगंज ले गई और लाडली बेगम को सौंप दिया। महिला को रखने के लिए प्रतिदिन उसे 500 रुपये मिलते थे। बाद में महिला को मुख्य अड्डे पर भेजकर उससे देह व्यापार कराया जाने लगा।

काल से खुला राज, तीन अड्डों से 24 लड़कियां हुई थीं मुक्त

पीड़िता की मां ने 18 मार्च 2025 को मुशहरी थाने में प्राथमिकी कराई थी। 24 फरवरी को पीड़िता ने आरोपित के ही मोबाइल से फोन कर स्वजन को खुद के बंधक होने की जानकारी दी। इसके बाद मुशहरी पुलिस ने 25 अप्रैल की रात किशनगंज के कटहलबाड़ी, बहादुरपुर व मछबाड़ा खगड़ा स्थित अड्डों पर छापेमारी की।

पुलिस पहले कटहलबाड़ी में लाडली के घर छापेमारी की। उसने स्वीकार किया कि पीड़िता उसके पास लाई गई थी। उसकी निशानदेही पर गुड़िया के ठिकाने पर छापेमारी की।

गुड़िया पुलिस को गलत जानकारी देकर बहादुरपुर के एक अड्डे पर ले गई। यहां करीब दर्जनभर लड़कियां तो मिलीं, लेकिन मुशहरी की महिला नहीं मिली। वापस गुड़िया के घर की तलाशी लेने पर पीड़ित महिला मिली थीं।

तलाशी के दौरान पुलिस ने मुशहरी की महिला को मुक्त कराने के साथ तीन अड्डों के छोटे-छोटे पार्टिशन वाले कमरों में बंधक बनाकर रखी गईं करीब दो दर्जन अन्य लड़कियों व किशोरियों को भी छुड़ाया।

देह व्यापार कराने के आरोप में गुड़िया व लाडली बेगम को जेल भेजा था। अड्डे की संचालिका व मुख्य सरगना अंजू देवी फरार हो गई थी। वह गुड़िया की मां थी। मां-बेटी दोनों मिलकर अड्डा चलाती थी। दोनों ने करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर रखी है।