इंस्पायर अवार्ड में मुजफ्फरपुर का जलवा बरकरार, लगातार दूसरी बार देश में नंबर वन
Inspire Award Scheme Bihar: मुजफ्फरपुर जिले ने इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत लगातार दूसरे वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम ...और पढ़ें

राष्ट्रीय सूची में जयपुर दूसरे स्थान पर रहा।
HighLights
मुजफ्फरपुर इंस्पायर अवार्ड मानक में लगातार दूसरे वर्ष प्रथम।
जिले ने 11,243 प्रोजेक्ट सिनाप्सिस अपलोड कर रिकॉर्ड बनाया।
शिक्षा विभाग की टीम के अथक प्रयासों से मिली सफलता।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Inspire Award Manak Muzaffarpur: इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत प्रोजेक्ट सिनाप्सिस अपलोड करने में मुजफ्फरपुर जिले ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर परचम लहराया है।
जिले ने लगातार दूसरे वर्ष पूरे देश में प्रथम स्थान हासिल किया है। वर्ष 2025 में भी जिले ने देश भर में पहला स्थान प्राप्त किया था और 2026 में 11,243 प्रोजेक्ट सिनाप्सिस पोर्टल पर अपलोड कर अपनी बादशाहत बरकरार रखी है।
जयपुर और बेंगलुरु को पछाड़ा
विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में मुजफ्फरपुर ने देश भर में अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई है। इस राष्ट्रीय सूची में जयपुर दूसरे स्थान पर रहा, जबकि बेंगलुरु अर्बन ने तीसरा स्थान हासिल किया है।
तकनीकी टीम और शिक्षकों की मेहनत
जिले की इस अभूतपूर्व सफलता में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, तकनीकी टीम और विद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सरकारी और निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों के वैज्ञानिक विचारों एवं नवाचारों को समय पर पोर्टल पर अपलोड किया गया। इसके लिए जिला स्कूल परिसर में विशेष कैंप आयोजित कर तकनीकी समस्याओं का समाधान किया गया था।
प्रतिदिन होती रही मॉनिटरिंग
जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार अरविंद सिन्हा और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (सर्व शिक्षा अभियान) आयुष कुमार ने जिला स्कूल परिसर में संचालित कैंप की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की।
गुणवत्ता समन्वयक, एमआईएस इंचार्ज, तकनीकी पर्यवेक्षकों और 20 से अधिक आईसीटी इंस्ट्रक्टर्स की कड़ी मेहनत से यह उपलब्धि संभव हो सकी। डीईओ ने इस सफलता पर सभी अधिकारियों और शिक्षकों को बधाई दी है।
वैज्ञानिक सोच विकसित करना
मुख्य लक्ष्य इंस्पायर अवार्ड मानक योजना भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) और राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान द्वारा संचालित की जाती है।
इसका उद्देश्य कक्षा 6 से 10 तक के (10 से 15 वर्ष आयु वर्ग) विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच और मौलिक नवाचार की भावना विकसित करना है। चयनित प्रत्येक विद्यार्थी को प्रोजेक्ट या मॉडल विकसित करने के लिए 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
