मुजफ्फरपुर में मछली खरीदने का नया अंदाज, खुलेंगे आधुनिक फिश पार्लर, चुनिए जीवित मछली
मुजफ्फरपुर में अब मिल्क पार्लर की तर्ज पर चार आधुनिक फिश पार्लर खुलेंगे, जहां ग्राहक जीवित मछली चुनकर मौके पर ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है। (फोटो-AI)
HighLights
मुजफ्फरपुर में चार आधुनिक फिश पार्लर खुलने की तैयारी।
ग्राहक जीवित मछली चुनकर मौके पर ही कटिंग करवा सकेंगे।
उपभोक्ताओं को ताजी मछली, मत्स्य पालकों को मिलेगा बाजार।
अमरेन्द्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर में अब मछली खरीदना पहले से कहीं अधिक आसान, स्वच्छ और आधुनिक होगा।
शहर में पहली बार मिल्क पार्लर की तर्ज पर चार आधुनिक फिश पार्लर खुलने जा रहे हैं, जहां ग्राहक अपनी पसंद की जीवित मछली चुन सकेंगे और मौके पर ही उसकी सफाई व कटिंग की सुविधा मिलेगी।
इससे उपभोक्ताओं को ताजा और गुणवत्तापूर्ण मछली मिलेगी साथ ही मत्स्य पालकों को भी बेचने के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होगा।
पहले चरण में चार जगह खुलेंगे केंद्र
सात निश्चय योजना के तहत राज्य में पहले चरण में 30 आधुनिक मत्स्य बिक्री केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें मुजफ्फरपुर भी शामिल है।
जिले में नीम चौक, संजय सिनेमा चौक, भगवानपुर चौक और लक्ष्मी चौक को केंद्र स्थापना के लिए चुना गया है। इन सभी स्थानों के लिए नगर निगम से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भी मिल चुका है। जिला मत्स्य विभाग ने निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है।
जीवित मछली चुनने की मिलेगी सुविधा
जिला मत्स्य पदाधिकारी रंधीर कुमार ने बताया कि प्रत्येक केंद्र पर करीब 50 किलोग्राम क्षमता का जीवित मछली टैंक लगाया जाएगा। पारदर्शी ग्लास वाले इस टैंक में ग्राहक अपनी पसंद की मछली देख और चुन सकेंगे। चुनी गई मछली को मौके पर ही साफ कर कटिंग के बाद ग्राहकों को उपलब्ध कराया जाएगा।
कोल्ड स्टोरेज और वैल्यू एडेड उत्पाद भी
इन आधुनिक फिश पार्लरों में छोटे कोल्ड स्टोरेज की सुविधा होगी, जिससे मछलियों की गुणवत्ता बनी रहेगी। साथ ही स्वच्छ कटिंग व्यवस्था के अलावा मछली से बने वैल्यू एडेड उत्पादों की बिक्री और उपभोग की भी व्यवस्था होगी। इससे ग्राहकों को एक ही स्थान पर कई सुविधाएं मिल सकेंगी।
11 लाख की लागत से बनेगा प्रत्येक केंद्र
प्रत्येक मत्स्य बिक्री केंद्र के निर्माण पर करीब 11 लाख रुपये खर्च होंगे। इसमें 80 प्रतिशत राशि सरकार अनुदान के रूप में चयनित निर्माण एजेंसी को देगी, जबकि शेष 20 प्रतिशत राशि लाभार्थी को वहन करनी होगी। केंद्रों के संचालन के लिए लाभार्थियों का चयन निविदा प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।
उपभोक्ता और मत्स्य पालक दोनों को होगा फायदा
मत्स्य विभाग का मानना है कि इन आधुनिक बिक्री केंद्रों के शुरू होने से लोगों को स्वच्छ, ताजा और गुणवत्तापूर्ण मछली उचित कीमत पर मिलेगी।
वहीं जिले के मत्स्य पालकों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर बाजार मिलेगा, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और शहर में मछली कारोबार को भी नई पहचान मिलेगी।
