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मुजफ्फरपुर में गन्ने की मिठास से बढ़ेगी किसानों की कमाई, खुलेंगी गुड़ बनाने की 12 इकाइयां

Published: Sun, 25 Oct 2026 05:55 AM (IST)

Bihar Jaggery Industry Scheme: मुजफ्फरपुर में किसानों की आय बढ़ाने और गन्ना आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 12 ...और पढ़ें

दूसरी ओर गुड़ निर्माण के कार्य को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

दूसरी ओर गुड़ निर्माण के कार्य को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

अमरेंद्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Sugarcane Farming: जिले में गन्ना आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने और किसानों की आय में इजाफा करने के लिए एक अहम पहल की गई है।

एक ओर क्षेत्र में चीनी मिलों को फिर से शुरू करने की दिशा में प्रयास चल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गुड़ निर्माण के कार्य को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

जिससे गन्ने की खेती करने वाले किसानों को उनकी उपज का अधिक से अधिक लाभ मिल सके। इसी कड़ी में अब मुजफ्फरपुर में गुड़ बनाने की 12 नई इकाइयां स्थापित की जाएंगी।

मुजफ्फरपुर की बड़ी हिस्सेदारी

बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत मुजफ्फरपुर को यह लक्ष्य प्राप्त हुआ है। चतुर्थ कृषि रोड मैप के तहत राज्य में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान कुल 79 नई इकाइयां स्थापित करने की योजना है।

जिसमें अकेले मुजफ्फरपुर की हिस्सेदारी करीब 15.2 प्रतिशत है। विभाग की ओर से इस योजना के लिए चार करोड़ 88 लाख 68 हजार 800 रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस संबंध में ईख आयुक्त अनिल कुमार झा ने पत्र जारी कर दिया है।

लघु और मध्यम क्षमता की इकाइयां

विभागीय लक्ष्य के अनुसार, मुजफ्फरपुर में प्रस्तावित 12 इकाइयों में नौ लघु और तीन मध्यम क्षमता की इकाइयां शामिल होंगी। इससे जिले में गन्ने से गुड़ बनाने, उसके प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा मिलेगा।

जिला के सहायक निदेशक अरविंद कुमार रवि ने बताया कि स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण की सुविधा विकसित होने से किसानों को अपनी उपज के बेहतर दाम मिलेंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

इस योजना के तहत किसान, निवेशक, फर्म, सहकारी समितियां और किसान उत्पादक संगठन (FPO) निर्धारित शर्तों के तहत इकाई स्थापित कर सकते हैं।

इकाई स्थापना पर मिलेगा भारी अनुदान

किसानों और निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की ओर से अनुदान का प्रावधान किया गया है:

  • लघु इकाइयां (5 से 20 टन प्रतिदिन क्षमता): पूंजीगत लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 6 लाख रुपये तक अनुदान।
  • मध्यम इकाइयां (21 से 40 टन प्रतिदिन क्षमता): पूंजीगत लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 15 लाख रुपये तक अनुदान।

इसके अलावा बड़ी और वृहद इकाइयों के लिए भी नियमों के अनुसार 45 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है।

बिहार के अन्य जिलों में भी विस्तार

विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, दरभंगा में 17, मुजफ्फरपुर में 12, पटना क्षेत्र में 10, पूर्णिया में 9, समस्तीपुर, गोपालगंज और मोतिहारी में पांच-पांच, सीवान में चार तथा अन्य अंचलों में भी गुड़ निर्माण इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है, जिससे पूरे प्रदेश में गन्ने की खेती करने वाले किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

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