मुजफ्फरपुर में खुलेंगे नौ तरकारी आउटलेट, जीविका उत्पादों को मिलेगा सीधा बाजार
Bihar Vegetable Cooperative: मुजफ्फरपुर के नौ प्रखंडों में प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति के तहत आधुनिक तरकारी आउटलेट खोले जाएंगे, ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Tarkari Outlet:जिले के नौ प्रखंडों में प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति के तहत आधुनिक तरकारी आउटलेट खोले जाएंगे। समाहरणालय सभागार में आयोजित जिला समन्वय समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने इस परियोजना की प्रगति की समीक्षा की।
उन्होंने शेष बचे सात प्रखंडों में भी जमीन चिह्नित कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जा सके।
आउटलेट व संग्रहण केंद्र
जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बैठक में बताया कि चयनित नौ प्रखंडों में तरकारी आउटलेट निर्माण के लिए 10 गुणा 15 वर्गफीट भूमि की जरूरत है। इसके साथ ही पंचायत स्तरीय सब्जी संग्रहण केंद्र विकसित करने के लिए छह प्रखंडों को चुना गया है, जहां प्रत्येक केंद्र के लिए 700 वर्गफीट भूमि तलाशी जा रही है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बिना विलंब जमीन उपलब्ध कराएं।
जीविका इम्पोरियम का प्रस्ताव
बैठक में जीविका के जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने जानकारी दी कि नाबार्ड के सहयोग से जिले में एक भव्य जीविका इम्पोरियम स्थापित करने की योजना है। इसके जरिए स्वयं सहायता समूहों और उनसे जुड़े ग्रामीण उद्यमों के उत्पादों का बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार व विपणन किया जाएगा।
इस परियोजना के लिए शहर के मुख्य व्यावसायिक क्षेत्र में 600 से 1000 वर्गफीट के उपयुक्त परिसर की तलाश की जा रही है।
महिला कारीगरों को मंच
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना पूरे प्रदेश में केवल दो जिलों मुजफ्फरपुर और गया जी में पायलट तौर पर शुरू की जा रही है। नगर आयुक्त द्वारा इम्पोरियम के लिए उपयुक्त परिसर चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है।
इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिला कारीगरों के हस्तशिल्प, पारंपरिक कलाकृतियों और स्थानीय उत्पादों को सीधा और स्थायी बाजार उपलब्ध कराना है।
भूमि विवाद जल्द सुलझेंगे
बैठक में समीक्षा के दौरान डीएम ने सभी अंचलाधिकारियों और संबंधित विभागों के अफसरों को आपसी समन्वय बनाकर काम करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं में भूमि की उपलब्धता को लेकर किसी तरह की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सभी विभागीय अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर जमीन की बाधाएं दूर करें ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली इन योजनाओं को समय पर धरातल पर उतारा जा सके।
