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मुजफ्फरपुर में चीनी का भाव 18 फीसदी गिरा, थोक बाजार में नरमी के बाद खुदरा में कमी का इंतजार

Published: Thu, 27 Aug 2026 05:55 AM (IST)

Bihar Commodity Market: सरकार के सख्त कदमों के बाद मुजफ्फरपुर में चीनी के थोक भाव में 18% तक की गिरावट ...और पढ़ें

55 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। फाइल फोटो

55 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। फाइल फोटो

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जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Sugar Price: चीनी की लगातार बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने और सट्टेबाजी रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए सख्त कदमों का असर अब बाजार में साफ दिखने लगा है।

पिछले चार-पांच दिनों के भीतर थोक मंडियों में चीनी के भाव में नरमी दर्ज की गई है। मिल भाव में करीब 18 प्रतिशत की गिरावट आने के बाद इसके 55 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

थोक मंडी में गिरावट

वर्तमान में मुजफ्फरपुर के थोक बाजार में चीनी का कारोबार 6300 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास चल रहा है। थोक भाव में आई इस गिरावट का असर अगले एक-दो दिनों में खुदरा बाजार पर भी नजर आने की उम्मीद है।

कारोबारियों का मानना है कि थोक दरें कम होने से बाजार में नई खेप की आवक सामान्य होगी और दैनिक उठान में भी तेजी आएगी।

पुराने स्टॉक से खुदरा में देरी

फुटकर बाजार में उपभोक्ताओं को अभी पूरी तरह से राहत नहीं मिल पाई है। खुदरा दुकानदारों का कहना है कि उनके पास पहले से महंगा खरीदा गया पुराना स्टॉक मौजूद है।

जिसके चलते खुदरा कीमतों में तत्काल कमी आने में दो से तीन दिन का वक्त लगेगा। नई आवक सस्ते दाम पर पहुंचने के बाद ही फुटकर दरों में वास्तविक गिरावट संभव हो सकेगी।

स्टॉक सीमा से सट्टेबाजी पर लगाम

कीमतों में कृत्रिम तेजी लाने के मकसद से कुछ कारोबारियों द्वारा अधिक भंडारण करने की शिकायतों के बाद प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।

सरकार द्वारा स्टॉक सीमा लागू किए जाने के बाद अब सभी थोक व खुदरा व्यापारियों के लिए अपने पास उपलब्ध चीनी के स्टॉक की आधिकारिक घोषणा करना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे बाजार में कृत्रिम कमी दिखाकर दाम बढ़ाने की अनुचित गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगेगी।

प्रशासन की बाजार पर नजर

जिला प्रशासन की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में चीनी की उपलब्धता, स्टॉक की स्थिति और खुदरा कीमतों पर लगातार नजर रख रही हैं। अलग-अलग इलाकों में पुराने स्टॉक के आधार पर बिक्री होने के कारण अभी फुटकर भाव में थोड़ा अंतर बना हुआ है।

व्यापारियों का अनुमान है कि अगर आपूर्ति की गति सामान्य रही, तो आने वाले दो से तीन दिनों में आम उपभोक्ताओं को चीनी की महंगाई से बड़ी राहत मिल जाएगी।