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मुजफ्फरपुर सुधा डेयरी के जहरीले पानी के दुष्प्रभाव से लोगों को मिलेगी राहत, कमिश्नर को समाधान का निर्देश

Published: Wed, 29 Jul 2026 06:47 PM (IST)

Bihar Comfed Chemical Water Treatment Plant: मुजफ्फरपुर सुधा डेयरी प्लांट से निकलने वाले दूषित पानी की समस्या पर बिहार विधानसभा ...और पढ़ें

कांटी के सदातपुर में कॉलोनी के पीछे जमा सुधा डेयरी का पानी। फोटो: जागरण

कांटी के सदातपुर में कॉलोनी के पीछे जमा सुधा डेयरी का पानी। फोटो: जागरण 

जागरण संवाददाता, पटना/मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Sudha Dairy Water Pollution News: मुजफ्फरपुर में सुधा डेयरी प्लांट से निकलने वाले रसायन युक्त दूषित पानी से परेशान स्थानीय लोगों और प्रभावित किसानों को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है।

बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने इस गंभीर समस्या पर कड़ा रुख अपनाते हुए तिरहुत के प्रमंडलीय आयुक्त (कमिश्नर) को तुरंत समाधान निकालने का सख्त निर्देश दिया है। विधानसभा अध्यक्ष मामले में अब तक हुई प्रशासनिक कार्रवाई और विभागीय पहलों से संतुष्ट नजर नहीं आए।

सभी हितधारकों की होगी बैठक

मंगलवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने कमिश्नर को समन्वय बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एनएचएआई, रेलवे, कॉम्फेड, जिला प्रशासन और स्थानीय सांसदों-विधायकों के साथ मिलकर इस समस्या का ठोस और स्थायी समाधान तलाशा जाए। विधानसभा सचिवालय की ओर से इस संदर्भ में कमिश्नर को औपचारिक लिखित निर्देश भी भेजा जा रहा है।

लीची की खेती को नुकसान

मुजफ्फरपुर स्थित सुधा डेयरी प्लांट से निकलने वाला रसायन युक्त पानी आसपास की आबादी के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है। दूषित जल के कारण क्षेत्र की प्रसिद्ध लीची की खेती और पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है।

स्थानीय विधायक अजीत कुमार और अरुण कुमार ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए विधानसभा में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।

प्लांट का जल शोधन अपर्याप्त

मामला उठने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सरकारी उपक्रमों से संबंधित समिति के समक्ष कॉम्फेड और सुधा डेयरी के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि दूषित पानी के उपचार के लिए प्लांट परिसर में तालाब बनाया जा रहा है और जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष ने इस पहल को नाकाफी और अपर्याप्त करार दिया।

मानसून में गंभीर होती स्थिति

अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे लाइन के करीब होने की वजह से बरसात के दिनों में जलजमाव और प्रदूषण की स्थिति और भयावह हो जाती है। सिर्फ तालाब बना देने से इस समस्या का अंत संभव नहीं है, इसलिए ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे नागरिकों को हमेशा के लिए इस प्रदूषण से मुक्ति मिल सके।