विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोरलेन से उत्तर बिहार में सुगम होगा आवागमन, पर्यटन स्थलों को भी जोड़ेगा NH 22

Published: Thu, 20 Aug 2026 05:39 PM (IST)

NH 22 Highway Bihar: केंद्रीय कैबिनेट ने मुजफ्फरपुर से नेपाल सीमा पर सोनबरसा तक 83 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क परियोजना ...और पढ़ें

इस फोरलेन सड़क पर करीब 3590 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। (AI Generated Image)

इस फोरलेन सड़क पर करीब 3590 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। (AI Generated Image)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Sonbarsa Four Lane: मुजफ्फरपुर से नेपाल सीमा पर स्थित सोनबरसा तक लगभग 83 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क परियोजना को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

करीब 3590 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाली यह फोरलेन सड़क उत्तर बिहार में आवागमन को तेज और बेहद सुगम बनाएगी।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के धरातल पर उतरने से मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी सहित आसपास के कई जिलों के लाखों लोगों को बेहतर रोड कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।

व्यापार को रफ्तार

इस मार्ग के फोरलेन बनने से मुजफ्फरपुर से सोनबरसा तक का सफर तय करने में लगने वाले समय में भारी कमी आएगी। नेपाल सीमा तक जाने वाले मालवाहक और यात्री वाहनों के लिए यह सड़क एक महत्वपूर्ण लाइफलाइन साबित होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्रीय स्तर पर व्यापार, औद्योगिक गतिविधियों और स्थानीय रोजगार के नए अवसरों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

लाखों को फायदा

सोनबरसा नेपाल सीमा के करीब स्थित होने के कारण इस राष्ट्रीय राजमार्ग का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक महत्व है। इस सड़क से मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी के अलावा शिवहर, पूर्वी चंपारण, मधुबनी और नेपाल के सीमावर्ती इलाकों की 50 लाख से अधिक आबादी लाभान्वित होगी।

इसके साथ ही सीतामढ़ी स्थित माता जानकी की जन्मस्थली जाने वाले श्रद्धालुओं और नेपाल भ्रमण पर निकलने वाले पर्यटकों का सफर भी काफी सुरक्षित हो जाएगा।

ढाई साल का लक्ष्य

वर्तमान में यह मार्ग टू-लेन होने के कारण वाहनों को आए दिन गंभीर जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। प्रस्तावित फोरलेन सड़क की कुल चौड़ाई 22 मीटर होगी, जिसमें बीच में करीब दो मीटर का डिवाइडर शामिल किया जाएगा।

निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इस पूरे प्रोजेक्ट को लगभग नौ सौ दिनों यानी ढाई साल की समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

यह भी पढ़ें- मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा NH होगा फोरलेन, केंद्र ने 3591 करोड़ की परियोजना को दी मंजूरी