मुजफ्फरपुर एसकेएमसीएच में टीबी मरीज की मौत पर बवाल, इलाज में लापरवाही का आरोप
मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच इमरजेंसी वार्ड में एक टीबी मरीज की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप ...और पढ़ें

HighLights
एसकेएमसीएच में टीबी मरीज की मौत पर परिजनों का हंगामा।
इलाज में लापरवाही और स्टाफ पर दुर्व्यवहार का आरोप।
पुलिस हस्तक्षेप के बाद एक घंटे बाद स्थिति शांत हुई।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur SKMCH Patient Death: श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) के इमरजेंसी वार्ड में टीबी मरीज की मौत के बाद स्वजन ने जमकर हंगामा किया।
स्वजन ने चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि मरीज के जीवित रहने के दौरान समुचित इलाज नहीं किया गया और मौत के बाद शव से कैथेटर व इंट्राकेट निकालने में भी सहयोग नहीं किया गया।
मृत मरीज की पहचान गायघाट थाना क्षेत्र की मीरा देवी के रूप में हुई है। वह ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) बीमारी से ग्रसित थीं और करीब 15 दिन पहले इलाज के लिए एसकेएमसीएच में भर्ती हुई थीं।
इलाज को लेकर स्वजन का आरोप
स्वजन का आरोप है कि मरीज की मौत से पहले फोली कैथेटर और इंट्राकेट लगा हुआ था। मौत के बाद जब इन उपकरणों को निकालने के लिए कर्मचारियों से कहा गया तो कोई भी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं था। सभी एक-दूसरे का काम बताकर स्वजन को टालते रहे।
स्वजन के अनुसार, नियमों का हवाला देने पर कर्मचारियों ने फटकार लगाई और गार्ड को बुलाकर उन्हें बाहर निकलवाने का प्रयास किया।
आक्रोशित स्वजन ने कैथेटर और इंट्राकेट निकाले बिना शव ले जाने से इनकार किया, जिसके बाद पुलिस को बुलाया गया।
एक घंटे तक मची रही अफरातफरी
हंगामा की सूचना मिलने पर एसकेएमसीएच ओपी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आक्रोशित स्वजन से आवेदन देने को कहा और समझा-बुझाकर उन्हें शांत कराया। इस दौरान करीब एक घंटे तक इमरजेंसी वार्ड में अफरातफरी की स्थिति बनी रही।
स्वजन ने अस्पताल के कर्मचारियों पर मनमानी और लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि अस्पताल में शिकायतों के निवारण की व्यवस्था प्रभावी नहीं है, जिससे मरीजों और उनके स्वजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अस्पताल प्रशासन ने दी सफाई
एसकेएमसीएच के हेल्थ मैनेजर प्रभात कुमार ने बताया कि मरीज अस्पताल के एक वार्ड में भर्ती थीं। स्थिति गंभीर होने पर उन्हें इमरजेंसी वार्ड लाया गया था। उन्होंने कहा कि चिकित्सक मरीज को देखते, उससे पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।
पहले भी हंगामे की घटना
गौरतलब है कि शनिवार की रात भी एसकेएमसीएच के आइसीयू और एमसीएच में एक-एक मरीज की मौत के बाद स्वजन ने हंगामा किया था। उस दौरान भी इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया गया था।
लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बीच अस्पताल में मरीजों की मौत के कारणों की समीक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इन मामलों में अस्पताल प्रशासन की ओर से विस्तृत समीक्षा किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।
