विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर लेक फ्रंट का बदलेगा रूप, बनेगा आर्क ब्रिज और अंडरग्राउंड होगी पानी की कनेक्टिविटी

Published: Thu, 01 Oct 2026 10:26 PM (IST)

मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर लेक फ्रंट और रिवर फ्रंट के विकास कार्यों का विश्व बैंक की टीम ने निरीक्षण किया। यहां ...और पढ़ें

सिकंदरपुर लेक फ्रंट का जायजा लेने पहुंची वर्ल्ड बैंक की टीम। निगम

सिकंदरपुर लेक फ्रंट का जायजा लेने पहुंची वर्ल्ड बैंक की टीम। निगम

HighLights

  1. सिकंदरपुर लेक फ्रंट पर आर्क ब्रिज का निर्माण होगा।

  2. विश्व बैंक की टीम ने विकास कार्यों का निरीक्षण किया।

  3. स्मार्ट सिटी विश्व बैंक से फंड लेने की योजना बना रही है।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। सिकंदरपुर लेक फ्रंट एरिया में आर्क ब्रिज बनाया जाएगा, ताकि इस पार से उस पार जाने में आसानी हो। इससे लेक फ्रंट की सौंदर्यता और बढ़ेगी।

गुरुवार को विश्व बैंक की दो सदस्यीय टीम ने लेक फ्रंट और रिवर फ्रंट में चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। साथ में उप नगर आयुक्त अमित कुमार, स्मार्ट सिटी के अधिकारी और बुडको की टीम भी थी।

विश्व बैंक की टीम के साथ पहले स्टेशन रोड से कंपनीबाग तक जायजा लिया। यहां पर सड़क के दोनों ओर फुटपाथ बनाने का प्रस्ताव है। टीम ने जगह की उपलब्धता को देखा। सड़क किनारे बनी दुकानें इसमें बाधा उत्पन्न कर सकती है। इसके अलावा बिजली के पोल भी फुटपाथ के दायरे में आएंगे।

विश्व बैंक की टीम ने इस योजना का डीपीआर तैयार करने को कहा। लेक और रिवर फ्रंट एरिया को और भी आकर्षक बनाने के लिए वहां पर आर्क ब्रिज बनाने के प्रस्ताव से अवगत कराया गया। यह नदी के ऊपर बनाया जाएगा।

इससे यह और भी आकर्षक दिखेगा। टीम ने वहां पर कम्यूनिटी हाल समेत अन्य नवनिर्मित संरचनाओं का बारीकी से जायजा लिया। दो सदस्यीय टीम ने शीघ्र डीपीआर तैयार कर देने को कहा।

इसी आधार पर आगे निर्णय लेने की बात कही। उप नगर आयुक्त ने बताया कि स्मार्ट सिटी के माध्यम से ही डीपीआर तैयार कराया जाएगा। विश्व बैंक की टीम ने इसमें योजना का पूरा विस्तार का जिक्र करने को कहा है और इसके लिए सामाजिक प्रभाव का भी आकलन कराया जाएगा।

लोग विस्थापित नहीं हो, इसका रखें ख्याल

उप नगर आयुक्त ने बताया कि टीम का कहना है कि किसी भी योजना के कारण वहां आवासित लोग चाहे वे अवैध रूप से क्यों नहीं रह रहे हों, उन्हें विस्थापित नहीं करना है। अगर विस्थापित करने की परिस्थिति आती है तो पहले उन्हें आवासित करने की योजना बने। इसका जिक्र भी डीपीआर में करने को कहा गया है।

क्योंकि लेक फ्रंट एरिया और सीढी घाट पर भी सड़क और फुटपाथ का निर्माण किया जाना है। इसमें कुछ लोग वहां झाेपड़ी बनाकर रह रहे हैं। उन्हें हटाना पड़ेगा। इसके अलावा सिकंदरपुर मन में लेक फ्रंट एक, दो और तीन इन सभी के पानी को आपस में जोड़ने की योजना है। इसके लिए अंडरग्राउंड कनेक्टिविटी का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

विश्व बैंक से लिया जाएगा फंड

बताया गया कि इन कार्यों के लिए स्मार्ट सिटी के द्वारा विश्व बैंक से फंड लेने की योजना है। इससे विश्व बैंक को अवगत कराया गया है। इसी उद्देश्य से दो सदस्यीय टीम यहां पहुंची थी।

विस्तृत कार्ययोजना सौंपने के बाद अगर विश्व बैंक की टीम इसे स्वीकृत करती है तो फंड के रूप में लोन लेकर इन कार्यों को पूरा किया जाएगा। 

यह भी पढ़ें- छठ पर मुजफ्फरपुर जंक्शन में बदलेगी व्यवस्था, ट्रेन का इंतजार अब प्लेटफार्म पर नहीं