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मुजफ्फरपुर में बाल आश्रय गृह से 10 बच्चे फरार, BDO बोले- क्या कर रहे थे सुरक्षाकर्मी

Published: Mon, 11 May 2026 08:20 PM (IST)

मुशहरी के नरौली स्थित आश्रय स्थल से 46 में से 10 बच्चों के भाग जाने के बाद व्यवस्था में अनियमितता उजागर हुई है।

जांच में जुटी अधिकारियों की टीम। (जागरण)

जांच में जुटी अधिकारियों की टीम। (जागरण)

HighLights

  1. आश्रय स्थल से 10 बच्चों के भागने से हड़कंप।

  2. बीडीओ की रिपोर्ट में सीसीटीवी खराब, सुरक्षा में चूक।

  3. वार्डन, सुरक्षाकर्मियों की लापरवाही पर उठे सवाल।

संवाद सहयोगी, मुशहरी। मुशहरी प्रखंड के नरौली स्थित आश्रय स्थल का 5 जनवरी 25 को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रगति यात्रा के क्रम में उद्घाटन किया था।

रविवार की देर रात्रि 46 में से 10 बच्चों के भाग जाने के बाद यहां की व्यवस्था में अनियमितता की पोल खुल गई है।

इस मामले मे बीडीओ चंदन कुमार ने अपने जांच रिपोर्ट एसडीओ पूर्वी को भेजा है जिसमें कहा गया है कि परिसर में लगा सीसीटीवी कार्यरत नहीं है। जो भारी लापरवाही दर्शाता है।

वहीं, बाल सुधार गृह एक के अधीक्षक अविनाश डे द्वारा बच्चों के भागने या/गुमशुदगी की जानकारी तुरंत स्थानीय थाना को नहीं देना उनकी लापरवाही का प्रतीक है। उसके अलावा परिसर में सुरक्षा में तैनात होम गार्ड के जवान और रात्रि प्रहरी की लापरवाही भी इस घटना से उजागर होती है।

साढ़े नौ बजे मिली सूचना

वहीं, उन्होंने परिसर में सीसीटीवी को जगह जगह लगाने तथा टूटे हुए खिड़की की मरम्मत का निर्देश दिया। उन्होंने अपने रिपोर्ट में कहा है कि रात्रि में एक से दो बजे के बीच बच्चे भागे है। जबकि उन लोगों को सूचना सुबह साढ़े 9 बजे मिली है।

उन्होंने सुधार गृह की चहारदीवारी को और ऊंचा करने पर बल दिया है। बीडीओ के जांच रिपोर्ट से सुधार गृह के वार्डन, सुरक्षा कर्मी, रात्रि प्रहरी सभी के क्रियाकलाप पर प्रश्न चिह्न लग गया है कि उन सभी द्वारा अपने नैतिक एवं दैनिक दायित्वों का निर्वहन नहीं किया गया है।

कैसे लांघ गए दीवार?

जब बच्चे दूसरी तल से नीचे आए तो फिर दूसरी चाहर दीवारी कैसे लांघ गए। क्या कोई सुरक्षा कर्मी मौजूद नहीं थे। क्या प्रति दिन बच्चे के कमरे की जांच वार्डन द्वारा नहीं की जाती है। जब बच्चे मुख्य द्वार के पास आए तो सुरक्षा कर्मी क्या कर रहे थे।

बीडीओ ने अपनी जांच रिपोर्ट में सभी बातों का जिक्र किया है। बच्चों के एक साथ दस की संख्या मे भाग जाने से अधिकारियों के हाथ पाव फूल गए हैं, वहीं उनकी बेचैनी को बढ़ा दिया है।

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