Bihar News : गांधी जयंती पर नहीं होगी स्कूलों में छुट्टी, दो अक्टूबर को अवकाश के बजाय होंगे विशेष कार्यक्रम
मुजफ्फरपुर के सभी स्कूलों में गांधी जयंती पर छुट्टी नहीं होगी, बल्कि महात्मा गांधी के जीवन और आदर्शों पर विशेष ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
स्कूलों में गांधी जयंती पर छुट्टी के बजाय कार्यक्रम होंगे।
महात्मा गांधी के जीवन, संघर्ष और आदर्शों से परिचित कराएंगे।
सत्य, अहिंसा, स्वच्छता पर कार्यशालाएं और प्रतियोगिताएं होंगी।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। गांधी जयंती पर इस बार स्कूलों में छुट्टी के बजाय विचारों की पाठशाला लगेगी। मुजफ्फरपुर जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों में दो अक्टूबर को पढ़ाई के साथ महात्मा गांधी के जीवन, संघर्ष और आदर्शों से विद्यार्थियों को परिचित कराया जाएगा। कार्यशाला, सेमिनार और विभिन्न प्रतियोगिताओं के जरिए बच्चों को सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया जाएगा।
गांधी जयंती पर जिले के प्राथमिक, मध्य एवं माध्यमिक विद्यालयों सहित सभी शैक्षणिक संस्थान दो अक्टूबर को खुले रहेंगे। इस दिन छुट्टी के बजाय महात्मा गांधी के जीवन और विचारों पर आधारित विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
गांधीजी के जीवन से होंगे परिचित
शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालयों में कार्यशाला और सेमिनार कराने को कहा गया है। इनमें विद्यार्थियों को गांधीजी के जीवन संघर्ष, सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, अनुशासन और सामाजिक समरसता के विचारों की जानकारी दी जाएगी। शिक्षकों को भी कार्यक्रम में विद्यार्थियों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
स्वतंत्रता आंदोलन की भी मिलेगी जानकारी
कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों को स्वतंत्रता आंदोलन में महात्मा गांधी की भूमिका और उनके योगदान के बारे में बताया जाएगा। इससे नई पीढ़ी को देश के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को समझने का अवसर मिलेगा।
भाषण से चित्रकला तक प्रतियोगिता
विद्यालयों में गांधीजी के विचारों पर भाषण, निबंध और चित्रकला सहित अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की जा सकती हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को गांधीजी के विचारों को समझने और उन्हें दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
छुट्टी की जगह सीखने का अवसर
दो अक्टूबर को विद्यालय खुले रखने का उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच गांधीजी के आदर्शों और उनके जीवन मूल्यों को प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से गांधी जयंती को केवल आयोजन तक सीमित रखने के बजाय सीखने और विचार करने का अवसर बनाया जाएगा।
