विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मुजफ्फरपुर के किसान के बेटे ने UGC NET में लहराया परचम, हिंदी में हासिल किए 97.9 परसेंटाइल

Published: Sat, 29 Aug 2026 11:15 PM (IST)

UGC NET Hindi Topper Bihar: मुजफ्फरपुर के साहेबगंज प्रखंड के अहियापुर गांव के रवि राज ने यूजीसी-नेट परीक्षा में हिंदी ...और पढ़ें

रवि राज। फाइल फोटो

रवि राज। फाइल फोटो

HighLights

  1. रवि राज ने यूजीसी-नेट हिंदी में 97.90 परसेंटाइल हासिल किए।

  2. किसान के बेटे रवि राज मुजफ्फरपुर के अहियापुर गांव के हैं।

  3. यह सफलता ग्रामीण युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा का स्रोत है।

संवाद सहयोगी, साहेबगंज (मुजफ्फरपुर)। Muzaffarpur UGC NET Success: सीमित संसाधन और ग्रामीण परिवेश की चुनौतियां भी मजबूत हौसलों के आगे टिक नहीं पाती हैं।

साहेबगंज प्रखंड के अहियापुर गांव (वार्ड 05) निवासी एक साधारण किसान ललन राय और गृहिणी गीता देवी के पुत्र रवि राज ने इसे सच कर दिखाया है।

रवि ने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित यूजीसी-नेट परीक्षा (UGC-NET) में हिंदी विषय से 97.90 परसेंटाइल (300 में 176 अंक) हासिल कर मिसाल कायम की है।

गांव से उच्च शिक्षा

भाई-बहनों में सबसे बड़े रवि राज की प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा गांव के परिवेश में ही हुई। उन्होंने इंटरमीडिएट की पढ़ाई उच्च विद्यालय बैद्यनाथपुर (साहेबगंज) से पूरी की।

इसके बाद उन्होंने बीआरबी कॉलेज समस्तीपुर (एलएनएमयू) से स्नातक और बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग से परास्नातक (एमए) की डिग्री हासिल की।

नियमित अध्ययन का संकल्प

अपनी इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता के त्याग, गुरुजनों के मार्गदर्शन और नियमित अध्ययन को देते हुए रवि ने बताया कि लक्ष्य पर टिके रहना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि इस शैक्षणिक यात्रा में उनके मित्र दिलीप कुमार का निरंतर सहयोग और प्रेरणादायक साथ रहा। वहीं विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्राध्यापक सुशांत मोहन के सतत मार्गदर्शन ने उनके अध्ययन को नई दिशा दी।

ग्रामीण युवाओं की प्रेरणा

रवि का परिवार सामान्य पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखता है, जहां उनकी बहन अंजलि कुमारी और छोटे भाई दीपक कुमार भी अभी अपनी पढ़ाई में जुटे हैं।

किसान परिवार की आर्थिक सीमाओं को पीछे छोड़ते हुए राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करने वाले रवि राज की यह उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्र के उन सभी छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा बन गई है जो सीमित संसाधनों में बड़े सपने देखते हैं।