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मुजफ्फरपुर में चक्रवाती बारिश से रबी की बोआई 15 दिन पिछड़ने की आशंका, धान कटनी भी प्रभावित

Published: Thu, 22 Oct 2026 07:00 AM (IST)

मुजफ्फरपुर में हाल की बारिश और चक्रवाती हवाओं ने खरीफ फसलों की कटाई और रबी की बोआई को प्रभावित किया ...और पढ़ें

इस बार हथिया नक्षत्र की भारी बारिश और बागमती नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण खेतों में अधिक नमी बनी हुई है।

 इस बार हथिया नक्षत्र की भारी बारिश और बागमती नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण खेतों में अधिक नमी बनी हुई है।

HighLights

  1. चक्रवाती बारिश से मुजफ्फरपुर में धान कटाई की गति धीमी।

  2. रबी फसलों की बुवाई में लगभग 15 दिन की देरी।

  3. खेतों में जलजमाव और अत्यधिक नमी मुख्य कारण।

अमरेंद्र, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Agriculture News: हाल के दिनों में हुई देर तक बारिश और चक्रवाती हवाओं ने खरीफ फसलों की कटाई के साथ-साथ आगामी रबी सीजन की तैयारियों पर भी प्रतिकूल असर डाला है।

जिले के निचले इलाकों में अब भी जलजमाव और खेतों में अत्यधिक नमी के कारण धान की कटाई की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई है। इसके साथ ही तोरी (सरसों) समेत अन्य रबी फसलों की बोआई में करीब 15 दिन की देरी होने की आशंका जताई जा रही है।

15 दिन पिछड़ी रबी की बोआई

सामान्य तौर पर अक्टूबर के पहले सप्ताह में तोरी की बोआई शुरू हो जाती थी। हालांकि, इस बार हथिया नक्षत्र की भारी बारिश और बागमती नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण खेतों में अधिक नमी बनी हुई है।

बंदरा, गायघाट, औराई, कटरा और पारू के बाढ़ प्रभावित एवं चौर वाले इलाकों में निचले खेतों में अब भी पानी भरा हुआ है, जिससे ट्रैक्टर या आधुनिक मशीनों का खेतों में प्रवेश कठिन हो गया है। मड़वन में नहर टूटने से करीब 200 एकड़ में लगी फसल के प्रभावित होने की खबर भी सामने आई है।

1 नवंबर से शुरू होनी है सरकारी खरीद

एक ओर जहां राज्य सरकार ने 1 नवंबर से सरकारी स्तर पर धान की खरीद शुरू करने की घोषणा की है, वहीं दूसरी ओर खेतों में धान पककर तैयार होने के बावजूद पानी भरा होने से कटाई की गति सुस्त है।

किसान मजबूरन धीरे-धीरे मैनुअल तरीके से कटाई कर रहे हैं। सकरी, चांदपुरा, हत्था, बेरूआ, सूरा और धोबौली जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को फसल समेटने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

धान की रोपनी में 99.88% उपलब्धि

जिला कृषि कार्यालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में मुजफ्फरपुर जिले में धान रोपनी का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा था। जिले में 1,54,088.25 हेक्टेयर लक्ष्य के मुकाबले 1,53,896.45 हेक्टेयर में रोपनी पूरी की गई, जो कुल लक्ष्य का 99.88 प्रतिशत है।

मुख्य प्रखंडों में धान आच्छादन (हेक्टेयर में):

  • बंदरा: 4,442.5 (100% लक्ष्य हासिल)
  • बोचहां: 13,050.35 (100% लक्ष्य हासिल)
  • मीनापुर: 10,014.0 (100% लक्ष्य हासिल)
  • कुढ़नी: 13,438.9
  • औराई: 12,538.5
  • मोतीपुर: 12,301.5
  • गायघाट: 11,053.5
  • कटरा: 11,019.5
  • कांटी: 9,081.5
  • मड़वन: 4,152.2
  • मुरौल: 1,976.5

जिला कृषि पदाधिकारी भारत भूषण ने बताया कि देर तक हुई बारिश से कटाई और रबी की तैयारी थोड़ी प्रभावित जरूर हुई है, लेकिन किसान लगातार धान की कटाई में लगे हुए हैं।

विभाग की ओर से किसानों को मौसम के अनुकूल कृषि कार्य करने के लिए जागरूक किया जा रहा है और रबी फसलों की बोआई के लिए हर संभव सहयोग व तकनीकी सलाह दी जा रही है।