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मुजफ्फरपुर में फर्जी रसीद से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, मास्टरमाइंड सहित तीन गिरफ्तार

Published: Mon, 21 Sep 2026 07:35 AM (IST)

मुजफ्फरपुर पुलिस ने फर्जी पेमेंट रसीद दिखाकर व्यवसायियों को ठगने वाले अंतरजिला साइबर अपराधी गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

शातिर गिरफ्तार। फोटो जागरण

शातिर गिरफ्तार। फोटो जागरण

HighLights

  1. मुजफ्फरपुर पुलिस ने अंतरजिला साइबर अपराधी गिरोह का भंडाफोड़ किया।

  2. फर्जी पेमेंट रसीद दिखाकर व्यवसायियों को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश।

  3. मास्टरमाइंड मनीष कुमार सहित तीन अभियुक्त 8 घंटे में गिरफ्तार।

केशव कुमार, मुजफ्फरपुर। जिले में फर्जी पेमेंट रसीद दिखाकर व्यवसायियों को चूना लगाने वाले एक शातिर अंतरजिला साइबर अपराधी गिरोह का मुजफ्फरपुर पुलिस ने महज 8 घंटे के भीतर भंडाफोड़ किया है।

मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने विस्तृत जानकारी दी। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के मुख्य षड्यंत्रकर्ता (मास्टरमाइंड) समेत तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि, मामला 19 सितंबर का है जब साइबर थाना, मुजफ्फरपुर में 'क्राउन फोल्डर' दुकान के संचालक वादी भाग्य भूषण द्वारा एक लिखित आवेदन दिया गया। आवेदन में बताया गया था कि अज्ञात अभियुक्तों द्वारा उनके व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क कर मोबाइल फोल्डर का आर्डर दिया गया था।

शातिर अभियुक्तों ने 15 सितंबर को 43,000 एवं 16 सितंबर 2026 को 77,314 (कुल 1,20,31) की फर्जी ट्रांजेक्शन रसीद दिखाकर रैपिडो डिलीवरी कूरियर के माध्यम से कांटी छिन्नमस्तिका मंदिर के पास कुल 210 पीस मोबाइल फोल्डर मंगवा लिया। जब व्यापारी ने बैंक स्टेटमेंट की जांच की, तब इस भारी भुगतान के फर्जी होने का पता चला।

जिसके को लेकर एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर साइबर डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने मानवीय एवं तकनीकी अनुसंधान और साक्ष्य संकलन के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 8 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी मनीष कुमार को ठगी में प्रयुक्त 2 मोबाइल फोन के साथ धर दबोचा।

व्यवसायियों को बनाता था टारगेट 

जांच में सामने आया कि मुख्य अभियुक्त मनीष कुमार दिव्यांग है तथा चलने एवं स्वयं बैठने में असमर्थ है। पूछताछ और उसकी निशानदेही पर पुलिस ने रैपिडो के माध्यम से डिलीवरी प्राप्त करने वाले सहयोगी मोतीपुर के रिमझिम कुमार को घटना में प्रयुक्त बाइक और मोबाइल के साथ गिरफ्तार किया।

इसके बाद दोनों की निशानदेही पर चोरी व ठगी का सामान खरीदने वाले मोबाइल दुकान संचालक राजेपुर का मो. परवेज आलम को गिरफ्तार किया गया।

साइबर डीएसपी ने बताया कि अनुसंधान में यह तथ्य सामने आया कि मास्टरमाइंड मनीष कुमार पूर्व में मोबाइल रिपेयरिंग का काम करता था। मोबाइल पार्ट्स और तकनीकी जानकारी होने के कारण वह व्यवसायियों को अपना सॉफ्ट टारगेट बनाता था।

वह डिजिटल टूल्स एवं जाली ऐप्स का उपयोग कर हूबहू असली दिखने वाली फर्जी पेमेंट रसीद व स्क्रीनशाट तैयार करता था। सामान मंगवाने के बाद उसे कम कीमत पर बेचकर अवैध आर्थिक लाभ कमाता था।

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