मुजफ्फरपुर में पीएम मोदी पर अभद्र टिप्पणी का वीडियो हुआ था वायरल, युवती नहीं मिली; क्लोजर रिपोर्ट दाखिल
मुजफ्फरपुर में पीएम मोदी पर अभद्र टिप्पणी वाले वायरल वीडियो मामले में पुलिस ने जांच के बाद क्लोजर रिपोर्ट दाखिल ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
पीएम मोदी पर अभद्र टिप्पणी वाले वायरल वीडियो पर पुलिस जांच।
पुलिस युवती की पहचान करने में रही असफल, नहीं मिला सुराग।
न्यायालय में मामले की क्लोजर रिपोर्ट दाखिल, जांच हुई बंद।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । प्रदर्शन के बीच कैमरे के सामने आई एक युवती का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और उसके बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मामला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर अभद्र व आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा था।
पुलिस ने केस दर्ज कर युवती की पहचान के लिए वीडियो से लेकर तकनीकी साक्ष्यों तक की पड़ताल की, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। आखिरकार साइबर थाने की पुलिस ने मामले में न्यायालय के समक्ष क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी।
26 जुलाई को प्रदर्शन में वायरल हुआ वीडियो
मामला 26 जुलाई 2026 का है। मुजफ्फरपुर जिला मुख्यालय में विभिन्न छात्र संगठनों की ओर से नीट परीक्षा में धांधली और प्रश्नपत्र लीक के विरोध में बड़ा प्रदर्शन किया जा रहा था।
इसी दौरान प्रदर्शन में शामिल एक युवती का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ। वीडियो में युवती मीडिया के माइक के सामने प्रधानमंत्री के विरुद्ध अशोभनीय एवं मर्यादहीन भाषा का प्रयोग करती नजर आई थी।
पुलिस ने दर्ज किया था केस
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना के दारोगा शशिकांत शर्मा के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने वीडियो में नजर आ रही युवती की पहचान के साथ वीडियो अपलोड करने वालों का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू की।
वीडियो और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला
जांच के दौरान साइबर पुलिस ने उपलब्ध वीडियो फुटेज और अन्य तकनीकी माध्यमों की मदद से युवती की पहचान करने का प्रयास किया। वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई गई। पुलिस ने कई स्तर पर छानबीन की, लेकिन आरोपित युवती की ठोस पहचान सामने नहीं आ सकी।
मामला सत्य, लेकिन सूत्रहीन
लगातार जांच के बाद भी आरोपित युवती का कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिलने पर पुलिस ने मामले को सत्य लेकिन सूत्रहीन माना। इसके बाद न्यायालय में क्लोजर रिपोर्ट सौंप दी गई। पुलिस के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना की पुष्टि हुई, लेकिन आरोपित तक पहुंचने के लिए आवश्यक ठोस सुराग नहीं मिल सका।
पहचान नहीं होने से जांच आगे नहीं बढ़ी
पुलिस ने वीडियो और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पहचान का प्रयास किया, लेकिन युवती का नाम-पता या अन्य स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। ऐसे में आरोपित की पहचान के अभाव में मामले की जांच को आगे बढ़ाना संभव नहीं हुआ। अब न्यायालय में दाखिल क्लोजर रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे की प्रक्रिया होगी।
