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मुजफ्फरपुर पताही एयरपोर्ट से जल्द भरेंगे छोटे विमान उड़ान, टर्मिनल भवन का निर्माण शुरू

Published: Tue, 29 Sep 2026 10:24 PM (IST)

Muzaffarpur Airport : मुजफ्फरपुर के पताही हवाई अड्डे पर छोटी विमान सेवा शुरू करने के लिए टर्मिनल भवन और चहारदीवारी का निर्माण कार्य शुरू हो गया है।

Patahi Airport : इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

Patahi Airport : इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. पताही हवाई अड्डे पर टर्मिनल भवन निर्माण कार्य शुरू।

  2. छोटी विमान सेवा हेतु रनवे मरम्मत जारी, विस्तार संभव।

  3. उड़ान योजना के तहत क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। पताही हवाई अड्डा से छोटी विमान सेवा शुरू करने के लिए टर्मिनल भवन व चहारदीवारी का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। कानपुर की एजेंसी ने पाइलिंग को लेकर गड्ढा खोदकर इसमें पिलर बनाने का काम शुरू किया है।

सासाराम से छाई मंगाई गई है। बालू व गिट्टी का स्टाक पूरा कर लिया गया है। काम तेजी से चल रहा है। रनवे की भी मरम्मत चल रही है। शीघ्र ही इसका शिलान्यास भी किया जाएगा।

प्रथम चरण में करीब 40 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यहां टैक्सी वे, पार्किंग वे के साथ एटीसी टावर, आपरेशन भवन, फायर स्टेशन समेत अन्य संरचनाओं का निर्माण होगा। इसके अलावा प्रशिक्षण उड्डयन केंद्र भी खोला जाना है।

रनवे, टैक्सी-वे, एप्रन व अन्य एयरसाइड निर्माण कार्यों के लिए करीब 43 करोड़ खर्च किए जाएंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक प्री-फैब्रिकेटेड स्टील स्ट्रक्चर टर्मिनल भवन बनाया जा रहा है।

केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पताही हवाई अड्डा को विकसित किया जा रहा है।

निर्माण कार्य को लेकर चारों तरफ से घेराबंदी कर दी गई है और बाहरी लोगों के आने पर रोक लगाई गई है। काम में किसी प्रकार की बाधा नहीं हो इसके लिए संबंधित थानों को जवाबदेही सौंपी गई है।

करीब डेढ़ सौ मीटर बढ़ाई जा सकती रनवे की लंबाई

वर्तमान में पताही हवाई अड्डा के रनवे की लंबाई 1050 मीटर है। इसे करीब डेढ़ सौ मीटर बढ़ाकर 12 सौ मीटर के आसपास करने की संभावना है।

पिछले दिनों एयरपोर्ट आथिरिटी आफ इंडिया की टीम ने सर्वे कर इसका नक्शा तैयार किया था। 19 सीटर विमान सेवा शुरू करने के लिए इतना लंबा रनवे पर्याप्त बताया गया है। इसके अलावा अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की भी आवश्यकता नहीं होगी। वर्तमान में 106 एकड़ भूमि पर हवाई अड्डा परिसर अवस्थित है।