विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मुजफ्फरपुर के पारू में 700 एकड़ भूमि अधिग्रहण के लिए आज से दावा आपत्ति, 250 करोड़ होंगे खर्च

Published: Sat, 03 Oct 2026 05:55 AM (IST)

BIADA Industrial Area Paru: मुजफ्फरपुर के पारू में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के लिए 700 एकड़ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज ...और पढ़ें

जिला भू-अर्जन कार्यालय ने इसके लिए तिथिवार शेड्यूल जारी कर दिया है।

 जिला भू-अर्जन कार्यालय ने इसके लिए तिथिवार शेड्यूल जारी कर दिया है।

HighLights

  1. पारू में 700 एकड़ औद्योगिक भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज।

  2. आज से शुरू होगी भूमि अधिग्रहण पर दावा-आपत्ति।

  3. परियोजना पर 250 करोड़ खर्च होंगे, रोजगार बढ़ेंगे।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Industrial Area Paru: जिले के पारू में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है।

कुल पांच मौजों में सात सौ एकड़ भूमि के अधिग्रहण को लेकर शनिवार से दावा-आपत्ति प्राप्त की जाएगी। जिला भू-अर्जन कार्यालय ने इसके लिए तिथिवार शेड्यूल जारी कर दिया है।

तीन दिन आपत्ति

रैयतों से शनिवार, सोमवार और बुधवार को भू-अर्जन कार्यालय में दावा-आपत्ति स्वीकार की जाएगी। जिला प्रशासन ने संबंधित गांवों में मुनादी और नोटिस जारी कर किसानों को इसकी पूर्व सूचना दे दी है। इस औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण बियाडा के माध्यम से कराया जाना है।

पांच मौजा चिह्नित

औद्योगिक क्षेत्र के लिए पारू के चांदपुर चिउटाहा में 250 एकड़ और चतुरपट्टी में 150 एकड़ जमीन ली जाएगी।

इसके अलावा हरपुर कपरफोरा में 120 एकड़, भोजपट्टी में 95 एकड़ और विशुनपुर सरैया में 85 एकड़ भूमि का अधिग्रहण होगा। इस जमीन पर औद्योगिक शेड, सड़क, बिजली और पानी जैसी आधारभूत संरचनाएं विकसित की जाएंगी।

स्थानीय रोजगार को बढ़ावा

इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार होने से क्षेत्र में नए उद्योग लगेंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे। भूमि अधिग्रहण की इस पूरी प्रक्रिया पर करीब ढाई सौ करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। रिकॉर्ड में त्रुटि या बंटवारे से जुड़ी आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

चार गुना मुआवजा

आपत्तियों के समाधान के बाद जमीन का अंतिम मूल्यांकन कर सीधे मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी।

प्रशासन के अनुसार किसानों को बाजार दर से चार गुना तक मुआवजा देने का कानूनी प्रावधान है। इसके साथ ही अधिग्रहण क्षेत्र में आने वाले मकान और वृक्षों का भी अलग से आंकलन कर भुगतान किया जाएगा।

यह भी पढ़ें- पटना–बेतिया फोरलेन से जुड़ेगा पारू औद्योगिक क्षेत्र, मोतीपुर समेत पश्चिमी मुजफ्फरपुर को फायदा