मुजफ्फरपुर, जासं। एमआइटी के 68वें स्थापना दिवस पर शनिवार को समारोह का आयोजन किया गया। कालेज के सांस्कृतिक क्लब जूनून की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डा.सीबी महतो, जुनून क्लब के चेयरमैन आशुतोष कुमार, अतुल गुप्ता व एचसी वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में जुनून, माक्सी व उद्गम क्लब के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्राचार्य ने कहा कि एमआइटी का इतिहास काफी समृद्ध रहा है। यहां के छात्र-छात्राएं देश व विदेश में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं। प्राचार्य ने कहा कि वे भी 1982 में यहां के छात्र रहे हैं। चार दशक पहले आइआइटी के विकल्प के रूप में एमआइटी को देखा जाता था। पिछले कुछ वर्षों में यहां के छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर पर हैकथान जीतकर संस्थान का मान बढ़ाया है। कहा कि छात्र-छात्राओं के भीतर छुपी प्रतिभा को निखारने के लिए अलग-अलग क्लब का गठन किया जाएगा। प्लेसमेंट को बढ़ावा देने के लिए पूर्ववर्ती छात्रों से निरंतर संपर्क किया जा रहा है। यहां के छात्र बेहतर करेंगे और उनका भविष्य स्वर्णिम होगा। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने गीत, संगीत व कविता पाठ से कार्यक्रम में समां बांध दिया। 

प्रतियोगिता के विजेताओं को प्राचार्य ने किया सम्मानित

स्थापना दिवस के मौके पर कालेज में कई प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। क्विज में अमन सत्यम को प्रथम, रजत कुमार द्वितीय व साहिल को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। वाल पेंङ्क्षटग में शिवांगी शर्मा प्रथम, रोनित कुमार द्वितीय व डाली तृतीय स्थान पर रहीं। स्केच में रजत कुमार प्रथम, रौशाली राज द्वितीय व मनोज तृतीय स्थान मिला। कैंपस को कैप्चर प्रतियोगिता में वेद प्रकाश ने अव्वल स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में प्रत्युष चंद्र, शिवांगी, शिवम, वंदना, हैदर, अभिनव, यशवंत व रुशाली ने अहम भूमिका निभाई।

परीक्षार्थियों ने कई ट्रेनों पर कब्जा जमाया

जासं, मुजफ्फरपुर : पालिटेक्निक की परीक्षा देकर लौट रहे हजारों परीक्षार्थियों ने शनिवार को विभिन्न ट्रेनों पर कब्जा जमा लिया। बता दें कि ट्रेनों में आने-जाने वालों की पहले से ही काफी भीड़ चल रही। इधर विद्यार्थियों के एक बजे परीक्षा खत्म होने के बाद सभी जंक्शन पर पहुंच गए। कुछ ट्रेनों में साइड से चढऩे के लिए दोनों तरफ से विद्यार्थी चढऩे का प्रयास किया। कुछ विद्यार्थी छिपकर चढ़ भी गए। आरपीएफ ने बाद में गलत तरीके से नहीं चढऩे के लिए समझाया।

 

Edited By: Ajit Kumar