मुजफ्फरपुर, जासं। कांटी थर्मल पावर के पाइप लाइन निर्माण को लेकर अधिग्रहण की गई जमीन के मुआवजे को लेकर केबीयूएनएल (कांटी बिजली उत्पादन निगम लिमिटेड) ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। इसमें कहा गया है कि अधिग्रहण की गई सभी जमीन का मुआवजा आवासीय दर से करना संभव नहीं। वहीं भूधारी के परिवार के एक सदस्य को रोजगार भी नहीं दिया जा सकता। केबीयूएनएल के वरिष्ठ प्रबंधक निशांत कमल ने भूधारी की मांग पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए जिलाधिकारी को भी सूचना भेज दी है। मालूम हो कि पाइप निर्माण को लेकर भूधारी आवासीय दर से मुआवजा की मांग कर रहे।

पूर्व मंत्री अजित कुमार ने भी यह मामला उठाया था। इसके जवाब में वरिष्ठ प्रबंधक ने कहा कि नवीन राख निस्तारण पाइप लाइन की अधिग्रहण की गई करीब 70 फीसद जमीन का मुआवजा भुगतान हो चुका है। शेष भूधारियों को मुआवजा प्राप्त करने के लिए अंतिम रूप से कहा गया है। इसके लिए 22 मुआवजा शिविर का भी आयोजन किया गया, मगर भूधारियों ने जरूरत कागजात उपलब्ध नहीं कराया। वे जमीन की मापी में भी सहयोग नहीं कर रहे। पत्र में वरिष्ठ प्रबंधक ने कहा कि जमीन की किस्म का निर्धारण समाहर्ता की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय कमेटी ने किया है। इसमें आवासीय, भीठ, धनहर आदि किस्म तय कर दी गई थी। ऐसी स्थिति में अब सभी जमीन के मुआवजा का भुगतान आवासीय दर से संभव नहीं है। वहीं थर्मल में अधिकतर कार्यरत लोग इस जिले के हैं। यहां भूधारी के परिवार को नौकरी देने का प्रविधान है ना यह संभव है। इसके अलावा अर्जित भूमि के नक्शा में सुधार की मांग को भी ठुकरा दिया गया है। साथ ही अधिग्रहण के अतिरिक्त शेष बची जमीन को अधिग्रहित करने से इन्कार कर दिया गया है।

  • कांटी थर्मल पावर के पाइप लाइन निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण का मामला
  • भूधारी परिवार के एक व्यक्ति को रोजगार देने को लेकर भी जताई असर्मथता