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मुजफ्फरपुर में गन्ना किसानों की राह होगी आसान, आधुनिक नर्सरी में तैयार होंगे पांच लाख पौधे

Published: Thu, 27 Aug 2026 12:08 PM (IST)

मुजफ्फरपुर में गन्ने की खेती करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है, जहां मीनापुर में दो आधुनिक नर्सरियां विकसित ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. मीनापुर में दो आधुनिक गन्ना नर्सरियां विकसित होंगी।

  2. प्रतिवर्ष पांच लाख गुणवत्तापूर्ण गन्ने के पौधे तैयार होंगे।

  3. किसानों को नर्सरी निर्माण पर 75% सरकारी अनुदान।

अमरेन्द्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। जिले में गन्ने की खेती करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें गुणवत्तापूर्ण गन्ने के पौधों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। मीनापुर में दो आधुनिक गन्ना नर्सरियां विकसित की जाएंगी, जहां हर वर्ष करीब पांच लाख पौधे तैयार होंगे।

इससे जिले में गन्ने की खेती का रकबा बढ़ाने के साथ उत्पादन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि नर्सरी का निर्माण और संचालन किसान स्वयं करेंगे और सरकार लागत का 75 प्रतिशत अनुदान देगी।

दो किसानों का हुआ चयन

योजना के तहत मीनापुर प्रखंड के झिटकहियां गांव के किसान किशोर कुमार सिंह और प्रसाद गांव के किसान पंकज कुमार का चयन किया गया है।

दोनों किसानों की जमीन पर करीब आठ हजार वर्गफीट क्षेत्र में आधुनिक नर्सरी विकसित की जाएगी। प्रत्येक नर्सरी पर होने वाले खर्च में किसानों को 25 प्रतिशत राशि स्वयं लगानी होगी।

सालाना तैयार होंगे पांच लाख पौधे

विभाग के अनुसार दोनों नर्सरियों से प्रतिवर्ष करीब पांच लाख गन्ने के पौधे तैयार किए जाएंगे। एक एकड़ खेत में करीब 10 हजार पौधों की जरूरत होती है। इस हिसाब से नर्सरियों में तैयार पौधों से हर वर्ष करीब 20 से 25 एकड़ अतिरिक्त क्षेत्र में गन्ने की खेती को बढ़ावा मिल सकेगा।

किसानों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण बीज

सहायक निदेशक, गन्ना विकास ने बताया कि आधुनिक नर्सरियों का मुख्य उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज और पौधे उपलब्ध कराना है। इससे गन्ने की खेती की उत्पादकता बढ़ेगी और जिले में गन्ना आधारित उद्योग को भी मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में नर्सरी योजना गन्ने की खेती के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

124 गांवों में हो रही खेती

वर्तमान में जिले के 124 गांवों में गन्ने की खेती की जा रही है। मोतीपुर, कांटी, साहेबगंज और मीनापुर प्रखंड के कई गांवों में किसान गन्ने की खेती कर रहे हैं। आधुनिक नर्सरी से इन क्षेत्रों के किसानों को स्थानीय स्तर पर बेहतर पौध उपलब्ध कराने की योजना है।

अक्टूबर से शुरू होगी शीतकालीन खेती

विभाग के अनुसार अक्टूबर से जिले में शीतकालीन गन्ने की बुआई शुरू होगी। इसके लिए इच्छुक किसानों को उन्नत बीज पर भी अनुदान दिया जाएगा। विभाग का लक्ष्य किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराकर अधिक क्षेत्र में गन्ने की खेती को प्रोत्साहित करना है। इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ जिले के गन्ना उद्योग को भी गति मिलने की उम्मीद है।