मुजफ्फरपुर में संपत्ति कर जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर, चूकने पर लगेगा भारी ब्याज
Property Tax Muzaffarpur: मुजफ्फरपुर नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के संपत्ति कर जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर ...और पढ़ें

निगम में राजस्व वसूली की समीक्षा करते अधिकारी। फोटो सौ: नगर निगम
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Municipal Corporation: मुजफ्फरपुर नगर निगम क्षेत्र के होल्डिंग स्वामियों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 का संपत्ति कर जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित की गई है।
तय समय सीमा के भीतर टैक्स का भुगतान नहीं करने पर पहली अक्टूबर से बकायेदारों को प्रति माह 1.5 प्रतिशत की दर से ब्याज देना होगा।
नगर निगम प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अतिरिक्त वित्तीय भार से बचने के लिए समय पर होल्डिंग टैक्स जमा कर दें।
राजस्व शाखा की समीक्षा
बुधवार को उप नगर आयुक्त अनुभूति श्रीवास्तव की अध्यक्षता में राजस्व वसूली से जुड़ी विभिन्न शाखाओं के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में कर शाखा, विज्ञापन शाखा, ट्रेड लाइसेंस और स्टाल शाखा के प्रदर्शन का बारीकी से आकलन हुआ। इस दौरान राजस्व शाखा प्रभारी रविरंजन राज और टैक्स दारोगा मोहम्मद नूर आलम, गौरी शंकर प्रसाद, अखिलेश कुमार सहित सभी टैक्स कलेक्टर उपस्थित रहे।
लापरवाह कर्मियों को अल्टीमेटम
समीक्षा के क्रम में वार्डवार संपत्ति कर संग्रह के लक्ष्य और वास्तविक उपलब्धि का मिलान किया गया। सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले निचले दस कर संग्रहकर्ताओं को वसूली में तत्काल सुधार के लिए एक सप्ताह का अंतिम अल्टीमेटम दिया गया है।
तय अवधि में अपेक्षित प्रगति नहीं दिखने पर संबंधित लापरवाह कर्मियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
ट्रेड लाइसेंस पर सख्ती
शहर में संचालित दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य आर्थिक गतिविधियों को दायरे में लाने के लिए विशेष ट्रेड लाइसेंस अभियान चलाने का फैसला लिया गया है।
अधिकारियों ने सभी व्यापारियों और दुकानदारों से नियमानुसार नया ट्रेड लाइसेंस लेने अथवा पुराने लाइसेंस का समय पर नवीकरण कराने का आह्वान किया है।
नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों को चिन्हित कर उनके खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अवैध विज्ञापनों पर कार्रवाई
समीक्षा के दौरान नगर निगम की बिना अनुमति के लगाए गए होर्डिंग, बोर्ड, यूनिपोल और स्क्रोल जैसे अवैध प्रचार माध्यमों पर सख्त रुख अपनाया गया।
बिना पूर्व स्वीकृति शहर में विज्ञापन लगाने वालों पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ विज्ञापन शुल्क की विधिवत वसूली सुनिश्चित की जाएगी। विज्ञापन शाखा के प्रभारियों को शहरभर में नियमित निरीक्षण कर ऐसे अवैध होर्डिंग्स को जब्त करने का आदेश दिया गया है।
दुकानों का किराया बकाया
निगम के स्वामित्व वाले स्टालों और दुकानों से मिलने वाले मासिक किराये की वसूली में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। जिन दुकानदारों पर किराया लंबे समय से लंबित है, उनसे सख्ती से बकाये की वसूली की जाएगी और नवीकरण के लंबित मामलों का जल्द निस्तारण होगा।
उप नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि राजस्व बढ़ाने के लिए कम वसूली वाले वार्डों में जल्द डोर-टू-डोर कैंप और विशेष कर संग्रह शिविर लगाए जाएंगे।
