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मुजफ्फरपुर के मीनापुर का अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्राड गिरोह का सरगना भगवानपुर से गिरफ्तार

Published: Fri, 28 Aug 2026 08:50 PM (IST)

International Cyber Fraud Gang: कोलकाता पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने यूके के नागरिकों से ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर ...और पढ़ें

गिरफ्तार साइबर फ्राड (बाएं )को अपने साथ ले जाती कोलकाता पुलिस। फोटो: जागरण

गिरफ्तार साइबर फ्राड (बाएं )को अपने साथ ले जाती कोलकाता पुलिस। फोटो: जागरण

HighLights

  1. यूके नागरिकों से ठगी करने वाला गिरोह बेनकाब।

  2. मुख्य सरगना अजय साव मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार।

  3. फर्जी कॉल सेंटर कोलकाता में संचालित होता था।

आकाश कुमार, मुजफ्फरपुर। Kolkata Cyber Crime Branch: पश्चिम बंगाल के कोलकाता पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने यूके के नागरिकों से फर्जी टेक सपोर्ट और टेलीकाम सेवाओं के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्राड गिरोह का पर्दाफाश किया है।

पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना अजय साव उर्फ जानी (38) को मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र के भगवानपुर रूपकला नगर स्थित एक किराए के मकान से गिरफ्तार किया है। वह मूल रूप से मीनापुर थाना क्षेत्र के पिपराहां असली गांव का रहने वाला है।

मोबाइल और लैपटाप जब्त

पुलिस ने अजय साव के पास से एक मोबाइल, एक लैपटाप और यूके के लोगों के डिटेल्स वाली एक डायरी जब्त की है। पुलिस ने शुक्रवार को उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। कोलकाता पुलिस ने 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मांगी, लेकिन कोर्ट ने 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की।

इसके बाद कोलकाता पुलिस आरोपित अजय साव को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर रवाना हो गई। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच के दौरान अजय साव के इस नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद मुजफ्फरपुर में कार्रवाई कर उसकी गिरफ्तारी की गई।

कोलकाता में फर्जी काल सेंटर

कोलकाता पुलिस ने बताया कि 18 अगस्त 2026 को पुलिस निरीक्षक मौसुमी बिस्वास के नेतृत्व में करया थाना क्षेत्र के ओल्ड बालगंज फर्स्ट लेन स्थित एक इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर चल रहे अवैध काल सेंटर में छापेमारी की गई थी।

मौके से तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें जोरासनको थाना के सैयद सल्ले लेन निवासी फिरदौस इकबाल (36), बेनियापुकुर थाना के सर्कस एवेन्यू निवासी एसके सज्जाद (36) और बेनियापुकुर थाना के पिकनिक गार्डेन रोड निवासी रूपम टिमोथी बिस्वास (23) शामिल हैं।

यह पूरा सेटअप किराए के परिसर से संचालित किया जा रहा था। आरोपित रिमोट एप एनीडेस्क, एमी एडमिन, कालिंग एप आइबीम और वीओआइपी एप्लीकेशन के साथ फर्जी व आपराधिक दस्तावेजों का इस्तेमाल करते थे। वे खुद को यूके की प्रसिद्ध कंपनी ह्यूमन माइंड का अधिकारी बताते थे।

पेमेंट सिस्टम में लेते थे एक्सेस

पुलिस के अनुसार, आरोपित विदेशी नागरिकों के कंप्यूटर और पेमेंट सिस्टम का अनधिकृत एक्सेस लेते थे। इसके बाद उनके क्रेडिट कार्ड और पेमेंट गेटवे से अवैध तरीके से रुपये अपने फर्जी खातों में ट्रांसफर कर लेते थे।

मामले की जांच आगे बढ़ने पर 19 अगस्त को कोलकाता के टालटोला से चौथे आरोपित शब्बीर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, वह काल सेंटर को वाईफाई राउटर और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराता था।

पूछताछ में सामने आया नाम

गिरफ्तार चारों आरोपितों से पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि मुजफ्फरपुर के मीनापुर निवासी अजय साव यूके के नागरिकों का डेटा जुटाता था। इसी डेटा के आधार पर कोलकाता के किराए के परिसर से संचालित फर्जी काल सेंटर को आपरेट किया जा रहा था।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से पेन ड्राइव, डेस्कटाप सिस्टम, एक लैपटाप, तीन मोबाइल, पांच वाईफाई राउटर, चार मल्टीमीडिया हेडफोन और यूके नागरिकों के डेटा वाली नोटबुक जब्त की थी। कोलकाता पुलिस के इंस्पेक्टर मानस गोस्वामी ने इस मामले में बीएनएस और आइटी एक्ट की धाराओं के तहत 18 अगस्त 2026 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी।