प्रेमिका के लिए खुद को कागज पर मार डाला, मुजफ्फरपुर में 4 वर्ष बाद जिंदा लौटा
मुजफ्फरपुर में चार साल पहले अपनी प्रेमिका के साथ भागने के लिए खुद की हत्या का नाटक रचने वाला युवक ...और पढ़ें

मुजफ्फरपुर में पुलिस की गिरफ्त में आरोपित।
HighLights
युवक ने प्रेमिका संग भागने को अपनी मौत का नाटक रचा।
चार साल बाद पुलिस के दबाव में थाने में हाजिर हुआ।
अब पुलिस को गुमराह करने के आरोप में कार्रवाई होगी।
संवाद सहयोगी, सरैया (मुजफ्फरपुर)। देवरिया थाना पुलिस ने करीब चार वर्ष पुराने एक ऐसे सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश किया है, जिसकी कहानी किसी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है।
जिस युवक को चार साल से मुर्दा मानकर पुलिस और स्वजन हत्यारों की तलाश कर रहे थे, वह गुरुवार को अचानक सही-सलामत देवरिया थाने पहुंच गया।
पुलिस की पूछताछ में जो सच सामने आया, उसने सबको चौंका दिया। दरअसल, युवक ने अपनी प्रेमिका के साथ भागने और अपने प्रेम-संबंध को बचाने के लिए खुद की हत्या की साजिश रची थी।
पुलिस के अनुसार, नौ नवंबर 2022 को गोपालगंज जिले के थावे थाना क्षेत्र निवासी धीरज प्रसाद श्रीवास्तव ने अपने भाई सोनू कुमार की गुमशुदगी और हत्या की आशंका जताते हुए एक आवेदन दिया था।
उन्होंने बताया था कि उनका छोटा भाई सोनू छह नवंबर को दुकान का सामान लाने के लिए 50 हजार रुपये लेकर पटना के लिए निकला था।
उसी दिन शाम करीब पांच बजे सोनू के ही मोबाइल से वाट्सएप पर एक आडियो आया। इसमें कहा गया कि मुजफ्फरपुर के देवरिया थाना क्षेत्र में रुपयों से भरा बैग छीनकर किसी ने सोनू की हत्या कर दी है। इसके साथ ही खून से लथपथ एक सिर की तस्वीर भी भेजी गई थी, ताकि हत्या की बात सच लगे।
थावे से देवरिया पहुंचा था मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए थावे थाना में जीरो प्राथमिकी कर इसे देवरिया थाने को भेज दिया गया। यहां हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने छानबीन शुरू की।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अभिजीत कौर ने बताया कि छानबीन में पुलिस को पता चला कि सोनू मरा नहीं है, बल्कि उसने अपने प्रेम-संबंध को अंजाम तक पहुंचाने के लिए यह पूरा नाटक रचा था।
जांच में यह साफ हुआ कि जिस दिन छह नवंबर 2022 को हत्या की कहानी रची गई थी, उसी दिन वह अपनी प्रेमिका को लेकर दूसरे राज्य भाग गया था। इस मामले में प्रेमिका की मां ने भी थावे थाने में प्राथमिकी कराई थी।
पुलिस की विशेष टीम लगातार इस मामले में तकनीकी सुरागों के आधार पर सोनू की तलाश कर रही थी। पुलिस की लगातार दबिश और बढ़ते दबाव के कारण आखिरकार चार वर्षों से 'मुर्दा' बना सोनू कुमार गुरुवार देवरिया थाने पर उपस्थित हो गया।
पुलिस अधिकारी का कहना है कि पुलिस को गुमराह करने और फर्जी साजिश रचने के आरोप में अब मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
