मुजफ्फरपुर में लंपी वायरस का कहर, 7600 पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित
Lumpy Skin Disease Bihar: मुजफ्फरपुर में मवेशियों में जानलेवा लंपी वायरस की पुष्टि हुई है, जिसके बाद पशुपालन विभाग ने ...और पढ़ें

अमरेंद्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Lumpy Virus: जिले में मवेशियों के बीच जानलेवा 'लंपी स्किन डिजीज' (एलएसडी) की पुष्टि होने के बाद पशुपालकों में हड़कंप मच गया है।
पशुओं में संदिग्ध लक्षण दिखने के बाद 11 नमूनों को जांच के लिए राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (एनआईएचएसएडी) भोपाल भेजा गया था।
प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में 8 नमूनों में लंपी वायरस की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट आते ही पशुपालन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है।
शुक्रवार से टीकाकरण अभियान
संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए विभाग ने प्रभावित इलाकों में तुरंत विशेष टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया है। जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. मनोज मेहता ने बताया कि प्रभावित गांवों से पांच किलोमीटर के दायरे में 'रिंग टीकाकरण' कराया जा रहा है।
इसके तहत जिले के सात प्रभावित प्रखंडों की चिह्नित पंचायतों में कुल 7,600 मवेशियों को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इन पंचायतों में भेजे गए टीके
टीकाकरण के लिए सबसे ज्यादा 2500 टीके बोचहां की झपहां पंचायत भेजे गए हैं। इसके अलावा सरैया, साहेबगंज, मीनापुर और पारू की पंचायतों में 1000-1000 टीके पहुंचाए गए हैं।
वहीं, मोतीपुर की बरियारपुर और औराई की शाहीजीवर पंचायत में 500-500 टीके उपलब्ध कराए गए हैं। शहरी इलाके को सुरक्षित रखने के लिए नगर निगम क्षेत्र में भी 100 डोज भेजे गए हैं।
क्या हैं बीमारी के लक्षण
विशेषज्ञों के मुताबिक, लंपी वायरस मुख्य रूप से मच्छर, मक्खी और जूं जैसे कीटों के काटने से फैलता है। गायों और भैंसों के सिर, गर्दन, थन और पैरों पर गोल गांठें बनना, तेज बुखार आना इसके मुख्य लक्षण हैं।
पशुपालन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह गैर-जूनोटिक बीमारी है, यानी यह संक्रमित मवेशियों से इंसानों में नहीं फैलती है। फिर भी सावधानी के तौर पर पशुपालकों को अलर्ट रहने की सलाह दी गई है।
