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मुजफ्फरपुर में जमीन विवाद ने छीनी तीन जिंदगियां, मां और दो बच्चों की एक साथ उठीं अर्थियां

By Rajeev Ranjan Edited By: Dharmendra Singh
Published: Tue, 28 Apr 2026 10:18 PM (IST)

मुजफ्फरपुर के मधुवन जगदीश गांव में जमीन विवाद के कारण एक परिवार की खुशियां छिन गईं। संतोष साह की पत्नी ...और पढ़ें

घटना की सूचना पर रोते बिलखते स्वजन। जागरण

घटना की सूचना पर रोते बिलखते स्वजन। जागरण

HighLights

  1. जमीन विवाद में मां और दो बच्चों की मौत।

  2. मुजफ्फरपुर के मधुवन जगदीश गांव में घटना।

  3. प्रशासनिक लापरवाही पर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश।

राजीव रंजन, कांटी (मुजफ्फरपुर) । कहते हैं कि जमीन का एक टुकड़ा इंसान को सिर छुपाने की जगह देता है, लेकिन मधुवन जगदीश गांव में इसी जमीन ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। संतोष साह के घर से जब एक साथ तीन अर्थियां निकलीं तो पूरा गांव चीख पड़ा।

खामोश हुई बच्चों की किलकारी 

कैटरिंग का काम कर किसी तरह अपने परिवार की गाड़ी खींच रहे संतोष साह पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है कि उसके पास अब आंसू भी शेष नहीं बचे हैं। पत्नी और दो मासूम बच्चों के बेजान शरीर देख संतोष पूरी तरह टूट चुका है।

जिस घर में कल तक बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब केवल सन्नाटा और बूढ़े मां-बाप की करुण पुकारें सुनाई दे रही हैं। परिवार के अन्य लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। सांत्वना देने पहुंचने वाले ग्रामीणों की आंखें भी नम थीं।

सिस्टम की सुस्ती और 'न्याय' का इंतजार 

ग्रामीणों में इस घटना से गहरा आक्रोश है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि यह केवल एक हत्या नहीं, बल्कि प्रशासनिक शिथिलता का परिणाम है। ग्रामीणों का कहना था कि जमीन विवाद लंबे समय से चल रहा था।

यदि समय रहते इस विवाद का निपटारा कर दिया गया होता, तो आज संतोष का परिवार बिखरने से बच जाता। आज मधुवन जगदीश की हर आंख में संतोष के लिए सहानुभूति और व्यवस्था के प्रति नाराजगी है। एक मजदूर की मेहनत से खड़ा किया गया आशियाना आज श्मशान जैसी शांति ओढ़े हुए है, जो चीख-चीख कर कह रहा है कि देर से मिला न्याय, अन्याय के समान है।