मुजफ्फरपुर में किसानों के खेतों पर मंडराया खतरा, लखनदेई का काला पानी बढ़ा रहा चिंता
लखनदेई नदी में काला और दुर्गंधयुक्त पानी आने से मुजफ्फरपुर के किसानों और पशुपालकों में चिंता बढ़ गई है। सिंचाई ...और पढ़ें

लखनदेई नदी का पानी काला होने से बढ़ी परेशानी।
HighLights
लखनदेई नदी में काला और दुर्गंधयुक्त पानी।
किसान सिंचाई और पशुपालक पशुओं को नहलाने से बच रहे।
ग्रामीणों ने रीगा चीनी मिल पर प्रदूषण का आरोप लगाया।
संवाद सहयोगी, औराई (मुजफ्फरपुर)। लखनदेई नदी का पानी इन दिनों किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। नदी में अचानक काला और दुर्गंधयुक्त पानी आने से आसपास के गांवों में चिंता बढ़ गई है।
सिंचाई के लिए किसान नदी के पानी का इस्तेमाल करने से बच रहे हैं। पशुपालकों ने भी पशुओं को नदी में स्नान कराने से परहेज शुरू कर दिया है। दुर्गंध का आलम यह है कि नदी किनारे से गुजरने वाले लोग मुंह ढककर निकल रहे हैं।
सिंचाई पर लगी रोक
किसानों का कहना है कि काले पानी से खेतों की सिंचाई करने पर फसल और मिट्टी दोनों प्रभावित हो सकती हैं। उनके अनुसार, इस पानी के खेतों में जाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति कमजोर होती है। यही वजह है कि किसान नदी के पानी का इस्तेमाल करने से बच रहे हैं।
पशुओं को भी नदी से दूर रखा
नदी के पानी में गंदगी और तेज दुर्गंध के कारण पशुपालक अपने मवेशियों को स्नान कराने के लिए नदी तक नहीं ले जा रहे हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि दूषित पानी के संपर्क में आने से त्वचा संबंधी परेशानी हो सकती है।
दुर्गंध से जीना हुआ मुश्किल
ग्रामीणों के अनुसार, नदी में काला पानी आने के बाद आसपास के इलाकों में दुर्गंध फैल गई है। घनश्यामपुर, राजखंड, नयागांव, वभनगामा, औराई, रामपुर, मथुरापुर बुजुर्ग समेत कई क्षेत्रों के लोग प्रभावित हैं। लोगों को महामारी फैलने की भी चिंता सता रही है।
हर साल बरसात में सामने आती समस्या
प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष रौशन कुमार शर्मा और उपाध्यक्ष बेचन महतो ने आरोप लगाया कि बरसात और बाढ़ के समय हर साल नदी में काला पानी छोड़ा जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह पानी धरहरवा पंचायत क्षेत्र में मनुषमारा नदी के रास्ते लखनदेई में पहुंचता है। उनका आरोप है कि इसका संबंध रीगा चीनी मिल से है, जो सीतामढ़ी क्षेत्र में स्थित है।
आवेदन के बाद भी नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों को आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक स्थायी कार्रवाई नहीं हुई। इससे हर साल बरसात में लखनदेई नदी का पानी दूषित होने की समस्या सामने आती है।
काले पानी पर रोक लगाने की मांग
स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन से मामले की जांच कराने तथा नदी में दूषित पानी छोड़े जाने पर रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि लखनदेई को प्रदूषण से बचाने के लिए जिम्मेदार पक्ष पर कार्रवाई जरूरी है, ताकि किसानों और पशुपालकों को राहत मिल सके।
