बेल रिजेक्ट होते ही कैदी ने उठाया खौफनाक कदम, मुजफ्फरपुर जेल अधीक्षक सूझ-बूझ से बची जान
मुजफ्फरपुर केंद्रीय कारा में जमानत अर्जी खारिज होने से तनावग्रस्त बंदी मो. सिराज ने फांसी लगाकर खुदकुशी का प्रयास किया। ...और पढ़ें

एआई जनरेटेड फोटो
HighLights
जमानत अर्जी खारिज होने से तनाव में था बंदी मो. सिराज।
जेल के शौचालय में गमछे से फांसी लगाने का किया प्रयास।
साथी बंदियों और जेल प्रशासन ने बचाकर अस्पताल पहुंचाया।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में देर रात विचाराधीन बंदी मो. सिराज ने फांसी लगाकर खुदकुशी करने की कोशिश की। बताया जाता है कि जमानत अर्जी रिजेक्ट होने की खबर से तनाव में आए बंदी ने जेल कक्ष के शौचालय में गमछे का फंदा बनाकर गले में डाल लिया।
हालांकि, साथी बंदी की नजर पड़ते ही जेल प्रशासन हरकत में आया और तत्परता दिखाते हुए उसे फंदे से सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। जेल अस्पताल में प्राथमिक उपचार करने के बाद तुरंत इलाज के लिए एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत पर चिकित्सक नजर बनाए हुए हैं।
स्वजन ने दी थी बेल रिजेक्ट होने की जानकारी
जानकारी के अनुसार, बंदी के स्वजन ने गुरुवार को ई-मुलाकाती पोर्टल के जरिए स्लाट बुक कर उससे मुलाकात की थी। इस मुलाकात के दौरान ही परिजनों ने उसे कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने की दुखद खबर दी थी।
जमानत नहीं मिलने की बात सुनकर वह मानसिक रूप से काफी टूट गया और गहरे तनाव में चला गया। देर रात उसने अपनी जीवन लीला समाप्त करने के इरादे से यह खौफनाक कदम उठा लिया।
शौचालय गये साथी बंदी ने देखा तो खुला राज जेल अधीक्षक द्वारा इस घटना को लेकर मिठनपुरा थाने में प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया है। साथ ही जिला प्रशासन, कोर्ट को भी पूरे मामले से अवगत कराया गया है।
पत्नी के प्रेमी की हत्या
बताया जाता है कि पियर थाना क्षेत्र के गोविंदपुर छपरा के नूनफरा गांव में 30 अप्रैल को हुए चिकन शॉप संचालक मो. नौशाद की हत्या में मुख्य आरोपी मो. सिराज को गिरफ्तार करके छह मई को सेंट्रल जेल भेजा था।
पुलिस ने खुलासा किया था कि मो. सिराज ने पत्नी के प्रेमी की हत्या की थी। जेल में सिराज को बंदी कक्ष संख्या 3/4 में रखा गया था। देर रात 12:25 से 12:35 बजे के बीच मो. सिराज चुपके से कक्ष के शौचालय में गया और अपने गमछे का फंदा बनाकर फांसी लगाने लगा।
इसी दौरान कक्ष में बंद साथी बंदी शौचालय जाने के लिए उठा तो उसकी नजर फंदे से लटके सिराज पर पड़ी।
जेल अधीक्षक ने रात जगकर बचाई बंदी की जान
रंजन कुमार ने तुरंत इसकी सूचना ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी को दी। सिपाहियों ने बिना समय गंवाए कक्षपाल को अलर्ट किया और फौरन शौचालय का दरवाजा खोलकर मो. सिराज को फंदे से नीचे उतारा।
इसके बाद उसे तत्काल कारा अस्पताल ले जाया गया, जहां कारा चिकित्सा पदाधिकारी ने प्राथमिक उपचार के बाद देर रात लगभग 12:50 बजे उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज एसकेएमसीएच रेफर कर दिया।
जेल अधीक्षक युसूफ रिजवान पूरी रात बंदी की स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। बीएसएपी की कड़ी सुरक्षा के बीच बंदी को एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया है।
जेल प्रशासन ने देर रात ही घटना की जानकारी बंदी के परिजनों को दे दी थी। वहीं, कारा उपाधीक्षक ने मिठनपुरा थाने में खुदकुशी का प्रयास करने वाले बंदी मो. सिराज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आवेदन दिया है।
