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मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड: जिला जज ने लिया संज्ञान, पीड़ितों को मिलेगी मुफ्त कानूनी सहायता

Published: Thu, 04 Jun 2026 07:47 PM (IST)

मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में आग लगने से हुई मौतों के मामले में जिला जज ने स्वतः संज्ञान लिया है। ...और पढ़ें

प्रबंधन के अनुसार आईसीयू में धुआं भर जाने से दम घुटने के कारण पांच मरीजों की मौत हुई है।

प्रबंधन के अनुसार आईसीयू में धुआं भर जाने से दम घुटने के कारण पांच मरीजों की मौत हुई है।

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संक्षेप में पढ़ें

संजीव कुमार, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Hospital Fire: मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद अस्पताल में आग लगने से हुई मौतों के मामले में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) श्वेता कुमारी सिंह ने स्वतः संज्ञान लिया है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने पीड़ितों और उनके स्वजनों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

डीएलएसए सचिव को दिए गए निर्देश

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव तेज कुमार प्रसाद अपनी टीम के साथ प्रसाद अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर अस्पताल प्रबंधन से पूरे मामले की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान अस्पताल के प्रबंधक मो. आशिफ और अन्य कर्मचारियों से आग लगने के कारणों तथा अस्पताल में उपलब्ध सुरक्षा उपायों के संबंध में पूछताछ की गई।

अस्पताल प्रबंधन ने बताई हादसे की वजह

अस्पताल प्रबंधन की ओर से बताया गया कि आग लगने की घटना शॉर्ट सर्किट के कारण हुई। प्रबंधन के अनुसार आईसीयू में धुआं भर जाने से दम घुटने के कारण पांच मरीजों की मौत हुई है।

डीएलएसए की टीम ने घटना से प्रभावित मरीजों और उनके परिजनों से संबंधित जानकारी भी जुटाई, ताकि उन्हें आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का निर्देश

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि हादसे से प्रभावित सभी मरीजों और उनके स्वजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं और प्रावधानों के तहत उन्हें मुआवजा दिलाने की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जाएं।

मुफ्त कानूनी सहायता का आश्वासन

डीएलएसए सचिव ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार सभी पीड़ित परिवारों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा मुआवजा प्राप्त करने की प्रक्रिया में भी उन्हें आवश्यक कानूनी सहयोग दिया जाएगा।

पारा लीगल वॉलंटियरों को भी जिम्मेदारी

घटना के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने अपने पारा लीगल वॉलंटियरों को भी सक्रिय कर दिया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि प्रभावित परिवारों की पहचान कर उनसे संपर्क करें और आवश्यकता के अनुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराएं।

प्रसाद अस्पताल अग्निकांड को लेकर प्रशासनिक, न्यायिक और कानूनी स्तर पर लगातार कार्रवाई जारी है। वहीं हादसे के कारणों की जांच भी अलग-अलग स्तर पर की जा रही है।