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मुजफ्फरपुर में ऑफिस शुद्धिकरण विवाद पर बोले हेडमास्टर, हर दिन स्वस्ति वाचन से करते काम की शुरुआत

Published: Mon, 07 Sep 2026 09:53 PM (IST)

Muzaffarpur School Viral Video: मुजफ्फरपुर के एक स्कूल के हेडमास्टर ज्ञान प्रकाश ने वायरल वीडियो पर स्पष्टीकरण दिया है, जिसमें ...और पढ़ें

कथित शुद्धिकरण की वायरल तस्वीर। फोटो: वीडियो ग्रैब

कथित शुद्धिकरण की वायरल तस्वीर। फोटो: वीडियो ग्रैब

HighLights

  1. वीडियो बिना अनुमति रिकॉर्ड किया गया, निजता का गंभीर उल्लंघन।

  2. हेडमास्टर ने इसे सामान्य साफ-सफाई से जुड़ा मामला बताया।

  3. चुनावी लाभ और जातिवादी रंग देने का आरोप लगाया।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur School Viral Video: जिला अंतर्गत मुरौल प्रखंड के राजकीयकृत शिवनंदन उच्च माध्यमिक विद्यालय का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल है।

जिसके बारे में ऐसा दावा किया जा रहा है कि यह कार्यालय के शुद्धीकरण का है। उस वीडियो में नजर आ रहे प्रधानाध्यापक का पक्ष भी अब सामने आ गया है। 

इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे एक वीडियो क्लिप को लेकर संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक ज्ञान प्रकाश ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र भेजकर अपना स्पष्टीकरण दिया है।

उन्होंने कहा कि यह वीडियो उनकी बिना अनुमति के रिकॉर्ड कर प्रसारित किया गया है, जो सीधे तौर पर उनकी निजता का गंभीर उल्लंघन है।

इसे साइबर अपराध की श्रेणी का कृत्य बताते हुए उन्होंने इस मामले में फेसबुक के खिलाफ कानूनी वाद दायर करने की बात कही है।

विद्यालय को बताया मंदिर

डीईओ को सौंपे पत्र में प्रधानाध्यापक ने स्पष्ट किया कि वे विद्यालय को मंदिर की तरह पवित्र मानते हैं और हर दिन स्वस्ति वाचन के साथ अपने कार्यों की शुरुआत करते हैं।

उन्होंने बताया कि वे विद्यालय के नियमित प्रभार में लगातार बने हुए हैं और प्रभार का कोई हस्तांतरण हुआ ही नहीं था। ऐसे में कार्यालय के किसी भी प्रकार के शुद्धिकरण का कोई औचित्य या सवाल ही पैदा नहीं होता है।

सामान्य सफाई का मामला

प्रधानाध्यापक ने वीडियो में दिखाए गए पूरे दृश्य को नियमित और सामान्य साफ-सफाई से जुड़ा मामला करार दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि आगामी चुनावी लाभ हासिल करने की नीयत से एक स्नातक प्रतिनिधि द्वारा इस वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर वायरल किया गया है। उन्होंने इसे एक बेहद स्तरहीन और दुर्भावनापूर्ण कृत्य बताते हुए संबंधित प्रतिनिधि की मंशा पर सवाल उठाए हैं।

जातिवादी रंग देने का आरोप

पत्र में उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रभार से जुड़े इस पूरे सामान्य प्रकरण को सुशील कुमार चौधरी द्वारा जानबूझकर जातिवादी रंग देने की लगातार कोशिश की जा रही है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि विद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित रखना उनका प्राथमिक दायित्व है। वे संस्थान की मर्यादा और अनुशासन को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

डीईओ को भेजे गए अपने जवाब में आरोपी प्रधानाध्यापक ने इसको पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित करार दिया है। इसके साथ ही उन्होंने जांच की बात रखी है। उनके पक्ष की जांच भी होनी चाहिए।