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जमीन मिली, पर NOC नहीं: वन विभाग की हरी झंडी के बिना अटकी मुजफ्फरपुर में फोरलेन की रफ्तार

Published: Thu, 17 Sep 2026 06:36 PM (IST)

मुजफ्फरपुर में चांदनी चौक से बखरी तक बन रहे फोरलेन का काम वन विभाग से पेड़ों की शिफ्टिंग के लिए ...और पढ़ें

वन विभाग की 'हरी झंडी' के बिना अटकी मुजफ्फरपुर में फोरलेन की रफ्तार (AI Generated Image)

वन विभाग की 'हरी झंडी' के बिना अटकी मुजफ्फरपुर में फोरलेन की रफ्तार (AI Generated Image)

HighLights

  1. चांदनी चौक-बखरी फोरलेन निर्माण वन विभाग की एनओसी से धीमा।

  2. पेड़ों की शिफ्टिंग के लिए वन विभाग से एनओसी नहीं मिली।

  3. दिसंबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य, एनओसी से देरी।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। चांदनी चौक से बखरी तक फोरलेन निर्माण का काम किया जा रहा है। लेकिन वन विभाग से पेड़ों की शिफ्टिंग को लेकर एनओसी नहीं मिला है। इस कारण काम की गति बहुत धीमी है।

जबकि पिछले वर्ष दिसंबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन वन विभाग से एनओसी नहीं मिलने के कारण काम की गति बहुत धीमी हो गई है। पिछले पांच माह से यह प्रक्रिया चल रही है।

उत्तर बिहार पथ अंचल के अधीक्षण अभियंता ई. अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि वन विभाग से लगातार संपर्क में हैं। जिला कार्यालय से मुख्यालय को एनओसी के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।

स्वीकृति मिलते ही पेड़ों की शिफ्टिंग का काम शुरू करा दिया जाएगा। अभी नाला निर्माण का काम चल रहा है। पेड़ों के हटते ही कालीकरण समेत अन्य शेष कार्य कराया जाएगा।

विदित हो कि नियमानुसार, विभिन्न अंचलों में पेड़ों की शिफ्टिंग करने को लेकर करीब आठ हेक्टेयर भी भूमि उपलब्ध करा दी गई थी। इसकी रिपोर्ट वन विभाग को भी दी गई थी। इसी आधार पर एनओसी मांगा गया था।

बताया गया कि वर्ष 2025 के मई में काम शुरू हुआ था और दिसंबर तक इसे पूरा करना था। इसपर करीब 89 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके बनने से जीरोमाइल में लगने वाला जाम पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। वर्तमान में यह सड़क टू लेन है। फोरलेन बनने के बाद चांदनी चौक से बखरी तक आवागमन सुलभ होगा।

अधीक्षण अभियंता ने कहा कि पिछले दिनों कार्यस्थल का निरीक्षण भी किया गया था। संवेदक को काम तेजी से करने का निर्देश दिया गया है। बारिश के कारण थोड़ी समस्या आ रही है।