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मुजफ्फरपुर में फुटपाथ पर सामान, आधी सड़क पर ठेला, आखिर पैदल चलें भी तो कहां

Published: Tue, 01 Sep 2026 05:49 PM (IST)

मुजफ्फरपुर में फुटपाथ और सड़कों पर दुकानदारों व ठेले वालों का कब्जा है, जिससे आम लोगों को चलने और वाहन ...और पढ़ें

मोतीझील में फुटपाथ पर रखा दुकान का सामान। जागरण

मोतीझील में फुटपाथ पर रखा दुकान का सामान। जागरण

HighLights

  1. मुजफ्फरपुर में फुटपाथ और सड़क पर अवैध कब्जा।

  2. सुप्रीम कोर्ट के आदेश का नहीं हो रहा पालन।

  3. पैदल चलने और पार्किंग में लोगों को दिक्कत।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। सुप्रीम कोर्ट ने हाल के दिनों में आदेश दिया है कि आम लोगों के लिए प्रशासन को फुटपाथ उपलब्ध कराना होगा। शीर्ष कोर्ट के इस आदेश का जिले में अनुपालन नहीं हो रहा है। यही नहीं यहां स्थिति बद से बदतर है।

यहां फुटपाथ आमलोगों की जगह दुकानदारों को लिए उपलब्ध हो गया है। दुकानदारों ने फुटपाथ के साथ सड़क पर भी कब्जा कर लिया है।

वे दुकान के सामने आमलोगों को बाइक तक नहीं लगाने देते। भाजपा के प्रदेश मंत्री मनोज कुमार चौधरी का सिर इसलिए फाड़ दिया कि उन्होंने दुकान के सामने बाइक लगा दी थी।

शहर के व्यस्ततम बाजर में शामिल मोतीझील में भी यह बड़ी समस्या है। कल्याणी चौक से लेकर ओवरब्रिज तक सुबह दुकान खोलते ही दुकानदार फुटपाथ पर कब्जा कर सामान रख देते। इसके बाद सड़क के किनारे उनके कर्मचारियों की बाइक लग जाती।

ओवरब्रिज के नीचे पार्किंग स्थल पर भी होटल, ठेला-खोमचा, मोबाइल, कपड़ा आदि की दुकानें अवैध रूप से खुल जाती है। इसके बाद यहां आमलोगों की समस्या शुरू हो जाती है।

वह बाइक भी कहां लगाए यह समस्या हो जाती है। जुर्माना लगने से डर के बावजूद उन्हें सड़क पर ही वाहनों की पार्किंग करनी होती है। यह इसलिए कि फुटपाथ से लेकर सड़क पर कब्जा करने वाले दुकान अपने सामने बाइक नहीं लगाने देते। हालांकि उनकी और उनके कर्मचारियों के वाहन वहां लगे होते हैं।

हां, एक शर्त पर वहां गाड़ी जरूर लग जाती अगर दुकान में आप सामान लें। ऐसा नहीं करने पर पहले आमलोगों से बदतमीजी करते। इसके बाद मारपीट पर उतारू हो जाते।

इसमें दुकानदारों की शह भी होती है। इनमें कुछ ऐसे लोग भी हैं जो अवैध रूप से सड़क पर ठेला लगाते हैं। वे दुकानदारों के लिए गार्ड का काम करते हैं। वे मरने-मारने पर उतारू हो जाते। इसके बदले दुकानदार उन्हें सामने सड़क पर ठेला लगाने की अनुमति देते हैं।

परिवार के साथ सामान लेने आए राजकुमार ने कहा, शाम को यहां बदतर स्थिति हो जाती है। बाइक कहां लगाएं, इसकी जगह नहीं मिलती। ट्रैफिक वाले थोड़ी सी गलती पर चालान काट देते, मगर सड़क पर ठेला लगाने वालों पर कार्रवाई नहीं होती। मुकुल कुमार का भी यही कहना था। उन्होंने कहा, यहां पैदल भी लोग कैसे चले। बीच सड़क पर चलने से हादसे का खतरा रहता है।