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एक बैग DAP के लिए वसूले 2000, मुजफ्फरपुर में कालाबाजारी पर अशोक टायर एजेंसी का लाइसेंस निलंबित

Published: Mon, 21 Sep 2026 10:12 PM (IST)

Ashok Tyre Agency License Suspended: मुजफ्फरपुर में डीएपी खाद की कालाबाजारी और अवैध वसूली के आरोप में कृषि विभाग ने ...और पढ़ें

सिकंदरपुर चौक स्थित थोक उर्वरक प्रतिष्ठान 'मेसर्स अशोक टायर एजेंसी' का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

सिकंदरपुर चौक स्थित थोक उर्वरक प्रतिष्ठान 'मेसर्स अशोक टायर एजेंसी' का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

HighLights

  1. अशोक टायर एजेंसी का डीएपी खाद कालाबाजारी पर लाइसेंस निलंबित।

  2. खुदरा विक्रेता से 2 लाख लेकर सिर्फ 100 बोरी डीएपी दी।

  3. जिला कृषि अधिकारी ने उर्वरक आपूर्ति रोकने का निर्देश दिया।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। DAP Fertilizer Black Marketing Muzaffarpur: डीएपी (DAP) खाद की कालाबाजारी और खुदरा विक्रेताओं से अवैध वसूली करने वाले थोक कारोबारियों पर कृषि विभाग ने शिकंजा कस दिया है।

कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए सिकंदरपुर चौक स्थित थोक उर्वरक प्रतिष्ठान 'मेसर्स अशोक टायर एजेंसी' का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

कंपनियों को आपूर्ति रोकने का निर्देश

जिला कृषि अधिकारी ने सभी उर्वरक निर्माता कंपनियों को स्पष्ट निर्देश जारी किया है। इसके तहत इस थोक प्रतिष्ठान को किसी भी प्रकार के उर्वरकों की आपूर्ति तुरंत प्रभाव से रोकने को कहा गया है।

2 लाख रुपये में दीं सिर्फ 100 बोरी

विभागीय आदेश के अनुसार, कुढ़नी के खुदरा विक्रेता 'मेसर्स श्री ट्रेडर्स' के प्रोपराइटर ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि अशोक टायर एजेंसी ने 2 लाख रुपये लेने के बावजूद उन्हें मात्र 100 बोरी डीएपी दी, यानी प्रति बोरी 2,000 रुपये की अवैध दर वसूली गई।

स्पष्टीकरण में नहीं दे पाए साक्ष्य

सोशल मीडिया पर मामला तूल पकड़ने और उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद जब थोक विक्रेता से स्पष्टीकरण मांगा गया, तो उन्होंने 2 लाख रुपये लेने की बात तो स्वीकार की, लेकिन इसके समर्थन में कोई वैध कागजात या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके।

अंतिम नोटिस के बाद होगी कार्रवाई

जिला कृषि अधिकारी भारत भूषण ने बताया कि यह मामला प्रथम दृष्टया उर्वरक नियंत्रण आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम का उल्लंघन है।

एजेंसी ने दावा किया है कि राशि अमोनिया सल्फेट के लिए भी दी गई थी। फिलहाल लाइसेंस सस्पेंड कर अंतिम स्पष्टीकरण मांगा गया है, जिसके बाद आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।