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1 एकड़ में कमाएं 150000 रुपये, मुजफ्फरपुर में ईख की खेती के लिए किसानों को मिलेगा मुफ्त बीज

Published: Fri, 18 Sep 2026 07:00 AM (IST)

मुजफ्फरपुर में कृषि विभाग ईख विस्तार योजना के तहत किसानों को मुफ्त बीज और उर्वरक-कीटनाशी पर सब्सिडी देगा।

मुजफ्फरपुर में ईख की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को मिलेगा मुफ्त बीज और सब्सिडी (AI Generated Image)

मुजफ्फरपुर में ईख की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को मिलेगा मुफ्त बीज और सब्सिडी (AI Generated Image)

HighLights

  1. किसानों को ईख की खेती के लिए मुफ्त बीज मिलेंगे।

  2. उर्वरक और कीटनाशी पर भी सरकार सब्सिडी देगी।

  3. योजना से किसानों की आय और रकबा बढ़ेगा।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। ईख की खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग की ओर से किसानों को सहयोग दिया जाएगा। इसके लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ईख विस्तार योजना के तहत 200 एकड़ में खेती के लिए किसानों को निशुल्क बीज उपलब्ध कराया जाएगा।

एक हेक्टेयर तक खेती करने वाले किसानों को बीज दिया जाएगा। बीज के लिए किसानों को कोई राशि नहीं देनी होगी।

सहायक ईख निदेशक अरविंद कुमार रवि ने बताया कि जिले के सभी 16 प्रखंडों में ईख की रोपनी को लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक प्रखंड के किसान योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

किसानों को उर्वरक और कीटनाशी की खरीद के लिए भी सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाएगी। योजना का उद्देश्य जिले में ईख की खेती का रकबा बढ़ाने के साथ किसानों की आमदनी में वृद्धि करना है।

उन्होंने बताया कि किसान दो विधियों से ईख की खेती कर सकते हैं। पहली विधि में ईख को काटकर खेत में लगाया जाता है। इसमें एक एकड़ में करीब 25 क्विंटल बीज की जरूरत होती है। दूसरी विधि नर्सरी से पौधे लगाकर खेती करने की है। इस विधि में एक एकड़ में करीब 10 हजार पौधे लगाए जाते हैं।

सहायक निदेशक ने बताया कि ईख की रोपाई अक्टूबर और फरवरी में की जाती है। एक बार बीज लगाने के बाद उर्वरक आदि का उपयोग कर दो बार और उत्पादन लिया जा सकता है। योजना के तहत किसान किसी भी निर्धारित नर्सरी से बीज ले सकेंगे। बीज की राशि विभाग की ओर से नर्सरी संचालक को दी जाएगी।

1,50,000 रुपये तक की कमाई

अरविंद कुमार रवि ने बताया कि ईख की खेती किसानों के लिए लाभकारी है। एक एकड़ में करीब 300 से 400 क्विंटल तक उत्पादन होता है। इससे किसानों को लागत के बाद करीब एक से डेढ़ लाख रुपये तक मुनाफा हो सकता है। सरकार ईख की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार योजनाएं चला रही है।