स्कैनर में असली स्टांप, प्रिंटर से निकलता नकली, मुजफ्फरपुर कचहरी में ऐसे चलता था फर्जीवाड़ा
मुजफ्फरपुर कचहरी परिसर में फर्जी न्यायिक स्टांप और वेलफेयर टिकटों की बिक्री के मामले में तीन आरोपितों की जमानत याचिका ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्म तस्वीर लगाई गई है।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। कचहरी परिसर में स्टांप और वेलफेयर टिकटों की कमी का हवाला देकर लोगों से मनमानी कीमत वसूलने का खेल चल रहा था। असली न्यायिक स्टांप और वेलफेयर टिकटों को स्कैन कर उनकी हूबहू नकल तैयार की जाती थी।
इस मामले में जेल में बंद तीन आरोपितों को फिलहाल राहत नहीं मिली है। सीजेएम कोर्ट ने तीनों की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। वहीं, पुलिस फरार चौथे नामजद आरोपित की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
तीन दुकानदारों की जमानत खारिज
जमानत नहीं मिलने वालों में बड़ी करबला निवासी किराना व स्टेशनरी दुकानदार प्रभात चौधरी, बड़ी करबला निवासी व गोला बांध रोड-लीची गाछी निवासी मुरारी कुमार और कालीकोठी रोड नंबर दो निवासी खाद-बीज दुकानदार राजेश कुमार उर्फ सिद्धार्थ कुमार शामिल हैं। तीनों पर अपनी-अपनी गुमटियों से फर्जी न्यायिक स्टांप और वेलफेयर टिकट बेचने का आरोप है।
कमी बताकर वसूलते थे ऊंची कीमत
आरोप है कि आरोपित ग्राहकों को असली स्टांप और टिकटों की कमी होने की बात बताते थे। इसके बाद जरूरतमंद लोगों से जाली स्टांप और टिकट ऊंची कीमत पर बेचे जाते थे। मामले में कार्यपालक दंडाधिकारी (पूर्वी) रामनाथ कुमार ने मुरारी, प्रभात चौधरी, राजेश कुमार और सत्यम के विरुद्ध नगर थाने में प्राथमिकी कराई थी।
स्कैनर से तैयार होता था नकली स्टांप
पुलिस की जांच में सामने आया है कि असली न्यायिक स्टांप और वेलफेयर टिकटों को हाई-रिजाल्यूशन स्कैनर से स्कैन किया जाता था। इसके बाद कलर प्रिंटर और विशेष प्रकार के पेपर की मदद से उनकी हूबहू नकल तैयार की जाती थी। इसी तरह नकली स्टांप, वेलफेयर टिकट और अन्य टिकट प्रिंट किए जाते थे।
गिरोह के बड़े नेटवर्क की तलाश
पुलिस को आशंका है कि फर्जी स्टांप तैयार करने और खपाने का यह खेल केवल कचहरी परिसर तक सीमित नहीं है। इसके पीछे मुख्य आकाओं और अंतरजिला सिंडिकेट के जुड़े होने की आशंका है। पुलिस जेल में बंद आरोपितों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है। पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों और फर्जी स्टांप की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास होगा।
कचहरी पहुंचकर जांच में जुटी पुलिस
केस के विवेचक एसआइ मुन्ना कुमार ने शनिवार को कचहरी परिसर पहुंचकर आरोपितों की दुकानों और ठिकानों का मुआयना किया। उन्होंने संबंधित स्थानों की जानकारी जुटाई और वहां मौजूद अधिवक्ताओं से भी बातचीत की। पुलिस फर्जी स्टांप की बिक्री के तौर-तरीके और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में सुराग जुटा रही है।
चौथे आरोपित की तलाश तेज
मामले में नामजद चौथा आरोपित सत्यम अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद मामले में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
