मुजफ्फरपुर, [अमरेंद्र तिवारी]। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की काफी फजीहत हुई। खासकर बेड, आक्सीजन, वेंटीलेटर व दवा को लेकर हाय तौबा मचा था। विभाग ने इससे सीख ली है। तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पहले से सजग है। सदर अस्पताल व एसकेएमसीएच में तैयारी तो है ही, प्रत्येक पीएचसी में दस बेड का चाइल्ड केयर यूनिट तैयार किया गया है। एसकेएमसीएच में पिछले साल 70 वेंटीलेटर था, इस बार 96 वेंटीलेटर तैयार है। 40 को सुरक्षित रखा गया है। आवश्यकतानुसार इनका उपयोग होगा। दूसरी लहर में टेक्नीशियन की कमी थी, इस बार उसे दूर कर लिया गया है।मोतीपुर व मड़वन अभी तैयारी में पीछे है। वहां के पीएचसी प्रभारी को चेतावनी दी गई है कि एक सप्ताह के अंदर तैयारी कर मुख्यालय को रिपोर्ट दें। इस काम में केयर इंडिया का सहयोग स्वास्थ्य विभाग को मिल रहा है। 

चिकित्सक, पारा मेडिकलकर्मी को दिया गया प्रशिक्षण

सिविल सर्जन डा.विनय कुमार शर्मा ने बताया कि जीएनएम, एएनएम, चिकित्सक के साथ ग्रामीण चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया गया है। इलाज के लिए अस्पताल का चयन किया गया है। प्रत्येक पीएचसी के तीन डाक्टरों को प्रशिक्षण दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग को सहयोग करने वाली संस्था केयर इंडिया के समन्वयक सौरभ तिवारी ने कहा कि तीसरी लहर की संभावनाओं के बीच बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर विभाग गंभीर है। पहले चरण में जीएनएम व दूसरे चरण में प्रत्येक प्रखंड से नौ एएनएम तथा तीन डाक्टरों के साथ 1123 ग्रामीण चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया गया है। हर पीएचसी में दस बेड का पीआइसीयू होगा। आक्सीजन कंसंट्रेटर, आक्सीजन सिलेंडर तथा सक्सेसर मशीन उपलब्ध करा दिया गया। गाइडलाइन के हिसाब से दवा उपलब्ध है।

इलाज के लिए अस्पताल की भी तैयारी

जानकारी के अनुसार,पहले चरण में पांच अस्पतालों का चयन किया गया है। सीएस डा.शर्मा ने बताया कि ग्लोकल में 60 बेड, सदर अस्पताल के एमसीएच में 100 बेड, एसकेएमसीएच में 250 बेड तथा बीबी कालेजिएट परिसर में 220 बेड का अस्पताल तैयार है। यहां पर गंभीर रूप से बीमार मरीजों का इलाज होगा। अभी सारी तैयारी रहेगी। जब जरूरत होगी वहां पर रोस्टर बनाकर चिकित्सक व पारा मेडिकल की सेवा शुरू कर दी जाएगी। मरीज की संख्या के हिसाब से अस्पताल की संख्या बढ़ेगी। अभी जिले में एक भी मरीज नहीं हैं। डा.विनय कुमार शर्मा सिविल सर्जन ने कहा कि जिले में तीसरी लहर की आशंका को लेकर तैयारी की गई है। अभी मरीज नहीं मिले हैं। पिछले साल के अनुभव के आधार पर इस बार पीएचसी स्तर पर प्रशिक्षण देकर तैयारी की गई है। मरीज आने के बाद इलाज होगा।

अब तक की तैयारियों पर एक नजर

- 144 एएनएम, 42 जीएनम, 48 चिकित्सकों को मिला प्रशिक्षण।

- 1123 ग्रामीण चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वह होम आइसोलेशन में रहने वालों की देखभाल कर सके।

- मोतीपुर व मडवन को छोड़कर सभी पीएचसी में दस बेड का चाइल्ड केयर यूनिट तैयार है।

- कोरोना की दवा हर जगह पर उपलब्ध करा दी गई है।

- हर पीएचसी स्तर पर एंटीजन किट जांच की सुविधा उपलब्ध है। 

Edited By: Ajit Kumar