मुजफ्फरपुर । जिला तंबाकू नियंत्रण समन्वयक समिति की बैठक में जिले को धूम्रपान मुक्त घोषित किया गया। डीडीसी आशुतोष द्विवेदी की अध्यक्षता में समाहरणालय में हुई बैठक में वरीय पदाधिकारियों द्वारा धूमपान मुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर कराया गया। इसके बाद डीडीसी ने संपूर्ण जिले को धूम्रपान के साथ तंबाकू मुक्त बनाए रखने की अपील की। तंबाकू नियंत्रण के लिए राज्य सरकार की तकनीकी सहयोगी संस्था सोशियो इकोनामिक एंड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाईटी (सीडस) के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकार एवं सीडस के द्वारा संयुक्त रूप से राज्य के सभी 38 जिलो में तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत तंबाकू नियंत्रण अधिनियम की विभिन्न धाराओं का अनुपालन कराया जा रहा है। अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध है। इसका अनुपालन की बेहतर स्थिति पाए जाने पर जिलों को धूम्रपान मुक्त घोषित किया जाता है। अब तक मुजफ्फरपुर समेत 23 जिलों को धूम्रपान मुक्त जिला घोषित किया जा चुका है। कहा गया कि जिले में कोटपा की धारा चार का अनुपालन 90 प्रतिशत से अधिक पाया गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीडीसी ने समस्त जिलावासियों से अपील करते हुए कहा की धूम्रपान के बाद अब हमलोगों को जिले को तम्बाकू मुक्त जिला बनाने की मुहिम शुरू करनी है, ताकि हमारी आने वाली पीढिय़ों को तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके। जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने तंबाकू नियंत्रण हेतु गठित त्रिस्तरीय छापामार दस्ते के सभी सदस्यों को शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में स्थित सभी तंबाकू उत्पाद बेचने वाले दुकानदारों को हटवाते हुए नियमित रूप से छापामारी करने का निर्देश दिया। उप विकास आयुक्त ने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से जिला धूम्रपान मुक्त हुआ है। कार्यक्रम के प्रारंभ में सिविल सर्जन ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में डीपीआरओ कमल सिंह, डीएसपी मुख्यालय, सीडस के जिला कार्यक्रम प्रबंधक मनोज कुमार झा समेत अन्य उपस्थित थे। --------

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