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Bihar News : अश्लील एप बना खतरे की घंटी, डाउनलोड हो गया है तो नए तरीकों से तुरंत करें डिलीट

Published: Mon, 07 Sep 2026 12:10 PM (IST)

साइबर यूनिट ने सोशल मीडिया पर अश्लील विज्ञापनों के जरिए होने वाली साइबर ठगी के नए पैटर्न का खुलासा किया ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. सोशल मीडिया विज्ञापनों से मैलवेयर ऐप डाउनलोड हो रहे।

  2. एक्सेसिबिलिटी परमिशन से हैकर्स बैंक खाते खाली कर रहे।

  3. संदिग्ध ऐप को सेफ मोड से तुरंत अनइंस्टॉल करें।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। सोशल मीडिया के जरिए होने वाली साइबर ठगी के एक बड़े और खतरनाक पैटर्न का पता चला है। साइबर यूनिट ने स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं के लिए एक अति-महत्वपूर्ण सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है।

इसमें साइबर ठग फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफार्म्स पर नाइट प्ले, रीलूप, काइज, विम्मो, रिवो, नेक्सो व विक्सा जैसे लुभावने नामों से अश्लील विज्ञापनों का जाल बिछा रहे है।

गूगल प्ले स्टोर को दरकिनार

विज्ञापनों पर क्लिक करते ही यूजर एक अनाम फिशिंग वेबसाइट पर पहुंच जाता है, जहां गूगल प्ले स्टोर को दरकिनार कर सीधे मोबाइल में एपीके फाइल डाउनलोड और इंस्टाल कराई जाती है।

यह एप स्टाल होते ही यूजर से एक्सेसिबिलिटी परमिशन मांगता है। इस संवेदनशील परमिशन के मिलते ही मालवेयर बैकग्राउंड में एक्टिव होकर पूरे डिवाइस को हैकर्स के नियंत्रण में ले लेता है।

इसके बाद ठग दूर बैठे ही यूजर की स्क्रीन देखना, बटन क्लिक करना, बैंक से आने वाले ओटीपी को पढ़ना और पीड़ित को भनक लगे बिना उसके बैंक खाते से सीधे पैसे ट्रांसफर करने जैसे काम अंजाम देते है।

सामान्य तरीके से अनइंस्टाल करना मुश्किल

इतना ही नहीं यह एप फोन में एक छिपा हुआ वीपीएन भी इंस्टाल कर देता है। इससे सारा इंटरनेट डेटा हैकर्स के सर्वर के जरिए रूट होता है और यूजर के लिए इसे सामान्य तरीके से अनइंस्टाल करना मुश्किल हो जाता है।

साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने सलाह दी है कि किसी भी सूरत में थर्ड-पार्टी वेबसाइट्स या विज्ञापनों से एप डाउनलोड न करें और केवल गूगल प्ले स्टोर जैसे आधिकारिक प्लेटफार्म्स का उपयोग करें।

अनजान एप को कभी भी एक्सेसिबिलिटी या डिवाइस एडमिनिस्ट्रेटर की परमिशन न दें और फोन में गूगल प्ले प्रोटेक्ट हमेशा चालू रखें। यदि किसी के फोन में यह संदिग्ध एप इंस्टाल हो गया है तो इसे हटाने के लिए दो तरीके अपनाए जा सकते है।

पहला तरीका है कि फोन के पावर बटन को दबाकर उसे सेफ मोड में रीस्टार्ट करें और सेटिंग्स में एप्स के अंदर जाकर संदिग्ध एप को अनइंस्टाल कर दें।

दूसरा तरीका यह है कि सेटिंग्स में डिफाल्ट एप्स से फोन का ओरिजिनल लांचर चुनें, फिर एक्सेसिबिलिटी और डिवाइस एडमिन एप्स में जाकर संदिग्ध एप की परमिशन बंद करके उसे डिलीट करे।

यदि एप फिर भी न हटे तो महत्वपूर्ण डेटा का बैकअप लेकर फोन को पूरी तरह फैक्ट्री रीसेट कर देना चाहिए। वित्तीय ठगी की स्थिति में 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।