मुजफ्फरपुर, जागरण संवाददाता। शनिवार को छह माह के लिए शहर को नया महापौर मिल जाएगा। पहली नवंबर से खाली पड़े महापौर पद का चुनाव पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 27 नवंबर को होना है। चुनाव को लेकर नगर निगम के साथ-साथ शहर की राजनीति चरम पर है। चुनाव में जहां एक ओर महापौर की कुर्सी पर कौन बैठेगा इसका फैसला होगा, वहीं निगम की राजनीति के किंगमेकर का भी निर्णय होगा। 

कुर्सी हासिल करने के लिए वार्ड तीन के पार्षद राकेश कुमार एवं वार्ड 46 के पार्षद नंद कुमार प्रसाद साह आमने- सामने हैं। दोनों के बीच सीधा मुकाबला है। राकेश कुमार को जहां उप महापौर मानमर्दन शुक्ला एवं नगर विधायक विजेंद्र चौधरी का साथ मिल रहा है। नंद कुमार प्रसाद साह के साथ एक पूर्व मंत्री हैं। दोनों उम्मीदवार एवं उनके सिपहसलार अंतिम समय में एक दूसरे के खेमे में सेंधमारी की सभी जुगत कर रहे हैं। अंदरखाने से आ रही जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को दोनों खेमे अपने समर्थक पार्षदों को अज्ञातवास पर भेज सकते हैं ताकि उनके खेमे में किसी प्रकार की सेंधमारी नहीं हो सके। दोनों खेमे के राजनीतिक आका गुरुवार को पूरे दिन चुनाव रणनीति बनाने में लगे रहे। यहां तक की शादी-विवाह के आयोजन स्थल को भी पार्षदों को गोलबंदी का मंच बनाया जा रहा है। अवकाश पर गए नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय चुनाव की तैयारी को लेकर लौट आए हैं। वे महापौर चुनाव को लेकर सभी आवश्यक कदम को पूरा करने में लग गए हैं।  

मीनापुर में खाद के लिए हाहाकार, आंदोलन की चेतावनी

मीनापुर (मुजफ्फरपुर), संस: रबी फसलों की बुआई जोरों पर है। किसान खाद के लिए परेशान हैं। कृषि विभाग की अनुज्ञप्तिधारी दुकानों में डीएपी नहीं मिल रही। मिक्सचर की अधिक कीमत ली जा रही है। अलीनेउरा किसान क्लब के सचिव और प्रगतिशील किसान नीरज कुमार सिंह ने डीएम को आवेदन देकर डीएपी की किल्लत और मिक्सचर खाद की अधिक कीमत लेने की शिकायत की है। वहीं, सीपीआइ के अंचल सचिव प्रखंड अध्यक्ष शिवजी प्रसाद ने किसानों को उचित मूल्य पर खाद नहीं मिलने और डीएपी की कालाबाजारी और किल्लत को लेकर आंदोलन करने को कहा है। कहा कि अगर एक सप्ताह के अंदर किसानों की समस्या का हल नहीं हुआ तो पार्टी आंदोलन करने को विवश होगी। वहीं, प्रखंड कृषि पदाधिकारी दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि मांग के अनुरूप डीएपी का आवंटन कम आया है। धीरे धीरे डीएपी सहित सभी खाद आ रही है। अगर किसी दुकानदार द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत ली जाती है तो इसकी सूचना सबूत के साथ करें, उसपर कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Ajit Kumar