मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार पर हाई अलर्ट, बिहार सरकार ने मांगी हर हफ्ते रिपोर्ट
मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार (एईएस) को लेकर बिहार सरकार पूरी तरह सतर्क है और जिले से साप्ताहिक रिपोर्ट मांगी गई ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
बिहार सरकार ने चमकी बुखार पर मांगी साप्ताहिक रिपोर्ट।
इलाज प्रोटोकॉल और दवा की उपलब्धता पर विशेष ध्यान।
बच्चों में शुरुआती लक्षणों की पहचान पर जोर, 17 मरीज स्वस्थ।
अमरेन्द्र तिवारी, मुजफ्फरपुर । बिहार के मुजफ्फरपुर में एईएस (चमकी बुखार) को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। स्वास्थ्य विभाग से जिले की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है । सरकार ने निर्देश दिया है कि एईएस मरीजों के इलाज , दवा और चिकित्सकीय व्यवस्था की साप्ताहिक रिपोर्ट नियमित रूप से मुख्यालय भेजी जाए।
इलाज के प्रोटोकॉल पर विशेष नजर
स्वास्थ्य विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि मरीजों के इलाज में निर्धारित प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन होना चाहिए। रिपोर्ट में यह भी बताना होगा कि मरीजों को समय पर दवा मिली या नहीं और डॉक्टरों ने इलाज के दौरान तय दिशा-निर्देशों का कितना पालन किया।
बच्चों में लक्षण पहचानने पर जोर
सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार ने कहा कि जिले के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट मोड में रखा गया है। खासकर बच्चों में एईएस के शुरुआती लक्षणों की पहचान कर तत्काल इलाज शुरू करने पर जोर दिया गया है। उन्होंने बताया कि समय पर इलाज मिलने से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
गर्मी में बढ़ जाता है खतरा
हर वर्ष गर्मी के मौसम में एईएस के मामले सामने आते हैं । इसी कारण स्वास्थ्य विभाग इस अवधि में विशेष सतर्कता बरतता है। अधिकारियों के अनुसार इस बार अब तक स्थिति नियंत्रण में है और लगातार निगरानी की जा रही है । अस्पतालों में दवाओं, बेड और अन्य जरूरी चिकित्सकीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है ।
अब तक 17 मरीज मिले
सिविल सर्जन ने बताया कि जिले में अब तक एईएस के 17 मरीज सामने आए हैं । राहत की बात यह है कि सभी मरीज इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं । इन मामलों की केस स्टडी तैयार कर मुख्यालय को भेजी जाएगी, ताकि आगे की रणनीति और मजबूत की जा सके।
