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मुजफ्फरपुर में आधार फर्जीवाड़ा रैकेट के मास्टरमाइंड कन्हाई मिश्रा की तलाश तेज, नेपाल भागने की आशंका

Published: Fri, 02 Oct 2026 07:33 PM (IST)

मुजफ्फरपुर में फर्जी आधार कार्ड बनाकर बांग्लादेशी नागरिक का पासपोर्ट बनवाने वाले रैकेट के मास्टरमाइंड कन्हाई मिश्रा की तलाश तेज ...और पढ़ें

कांटी, करजा और मोतीपुर समेत कई जगहों पर छापेमारी की गई, लेकिन वह पुलिस की पकड़ में नहीं आया।

कांटी, करजा और मोतीपुर समेत कई जगहों पर छापेमारी की गई, लेकिन वह पुलिस की पकड़ में नहीं आया।

संजीव कुमार, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Aadhaar Fraud: फर्जी आधार कार्ड बनाकर बांग्लादेशी नागरिक का पासपोर्ट बनवाने वाले रैकेट के मास्टरमाइंड कन्हाई मिश्रा की तलाश तेज कर दी गई है।

उसकी गिरफ्तारी के लिए शुक्रवार को कांटी, करजा और मोतीपुर समेत कई जगहों पर छापेमारी की गई, लेकिन वह पुलिस की पकड़ में नहीं आया।

उसके नेपाल भागने की आशंका जताई जा रही है। कन्हाई की मोतीझील में नगर थाना के समीप कन्हाई कम्युनिकेशन नाम से दुकान है, जहां कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड बनाने का काम होता था।

दो आरोपित भेजे गए जेल

पुलिस ने इस रैकेट का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया था। उनकी पहचान पूर्वी चंपारण जिले के फुलकटिया निवासी साहिल कुमार और सारण जिले के टरवा मगरपाल निवासी शिव कुमार पंडित के रूप में हुई है। दोनों को गुरुवार की रात कोर्ट में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

इस मामले में नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार साहिल कलमबाग इलाके में ठाकुर नर्सिंग होम के पास रहता था।

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छापेमारी के दौरान दुकानों से दो लैपटॉप, यूआइडीएआइ मशीन, फिंगर स्कैनर, आइ स्कैनर, क्लोन थंब इंप्रेशन और आठ आधार कार्ड बरामद किए गए थे।

लैपटॉप में मिला सॉफ्टवेयर

जब्त लैपटॉप की जांच में आधार कार्ड बनाने वाला आधार इनरोलमेंट क्लाइंट सॉफ्टवेयर डाउनलोड मिला। पुलिस ने यूआइडीएआइ मशीन के साथ फिंगर और आइ स्कैनर भी जब्त किए हैं।

जांच में सामने आया कि बरामद मशीन का इस्तेमाल आधार कार्ड बनाने में किया जा रहा था।

पूछताछ में साहिल ने बताया कि वह वर्ष 2019 से कन्हाई मिश्रा की दुकान में काम कर रहा था। उसने बरामद यूआइडीएआइ मशीन को सारण जिले के दरियापुर थाना क्षेत्र के टरवा मगरपाल निवासी शिव कुमार पंडित का बताया।

मशीन शिव कुमार की यूजर आइडी से संचालित होती थी और लॉगिन के दौरान उसके मोबाइल पर ओटीपी आता था।

दूसरी दुकान पर भी छापेमारी

पुलिस ने साहिल की रामदयालु स्थित ओम कम्युनिकेशन दुकान पर भी छापेमारी की थी। वहां से बिना बैटरी वाला सिल्वर रंग का लैपटॉप बरामद हुआ। इसके अलावा साहिल के किराये के मकान की भी तलाशी ली गई।

साहिल के पास से मिले मोबाइल की जांच में उसके नाम से लॉगिन ईमेल आइडी मिली। इसी ईमेल पर क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना से आया एक पीडीएफ भी प्राप्त हुआ। इसमें पासपोर्ट संख्या यू2185640 को रद करने से संबंधित सूचना थी।

फर्जी दस्तावेज पर पासपोर्ट

पुलिस के अनुसार, पासपोर्ट संख्या यू2185640 जारी होने की तिथि 22 अप्रैल 2020 थी। यह पासपोर्ट मो. आफताब के नाम से दीवान रोड, कल्याणी बड़ा लेन, नगर थाना के पते पर जारी हुआ था। पासपोर्ट में गलत जानकारी दिए जाने के कारण इसे रद करने की प्रक्रिया से संबंधित ईमेल मिला था।

थाना अभिलेख के अवलोकन में पता चला कि उक्त पासपोर्ट बांग्लादेशी नागरिक मो. बेलाल होसन के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जारी किया गया था। इस खुलासे के बाद पुलिस रैकेट के अन्य सदस्यों और फर्जी आधार कार्ड बनाने में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

मास्टरमाइंड की तलाश जारी

पुलिस अब कन्हाई मिश्रा की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। उसके नेपाल भागने की आशंका को देखते हुए भी उसकी तलाश की जा रही है।

जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फर्जी आधार कार्ड और पासपोर्ट बनवाने के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।