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मुजफ्फरपुर के बेनीबाद थाना के दारोगा, सिपाही समेत तीन निलंबित, थानेदार से स्पष्टीकरण  

Published: Wed, 16 Sep 2026 10:57 PM (IST)

मुजफ्फरपुर के बेनीबाद थाने के दारोगा, सिपाही और चौकीदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। ग्रामीणों द्वारा ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. बेनीबाद थाने के दारोगा, सिपाही और चौकीदार निलंबित।

  2. आरोपियों को बिना बताए छोड़ने और लेन-देन का आरोप।

  3. एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने तत्काल कार्रवाई की।

संजीव कुमार, मुजफ्फरपुर । बेनीबाद थाना के दारोगा, सिपाही एवं चौकीदार को एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एसएसपी कार्यालय से इसकी जानकारी दी गई है।

इसमें कहा गया कि बेनीबाद थाना के पुलिसकर्मियों के संबंध में एक आडियो प्राप्त हुआ था। जिसकी जांच अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पूर्वी वन से कराई गई। जांच के क्रम में यह तथ्य प्रकाश में आया कि ग्रामीणों द्वारा पकड़कर थाना में दिये गये आराेपितों को वरीय पदाधिकारी व थानाध्यक्ष को बिना अवगत कराये छोड़ दिया गया है।

जांच में एक निजी व्यक्ति के माध्यम से लेन-देन कर छोड़ने की पुष्टि हुई है। प्रसारित आडियों में बार-बार नाम आने वाला व्यक्ति कई केसों में आरोप पत्रित भी है। उक्त प्रकरण में थाना में पदस्थापित ओडी पदाधिकारी दारोगा मौर्यन दीपांकरण की भूमिका संदिग्ध पाई गई।

इस प्रकार बेनीबाद थाना में पदस्थापित दारोगा मौर्यन दिपांकरण, सिपाही सौरभ कुमार एवं चौकीदार गुल्टेन कुमार का कर्तव्य के प्रति लापरवाही, अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता, मनमानेपन एवं संदिग्ध आचरण पाया गया। आरोप पत्रित अभियुक्त से संपर्क एवं अनावश्यक मेलजोल रखना पुलिस पदाधिकारी व कर्मी के संदिग्ध एवं अनुशासनहीन आचरण को प्रदर्शित करता है, जो पुलिस सेवा की गरिमा, अनुशासन एवं कर्तव्यनिष्ठा के प्रतिकूल है।

उपरोक्त तथ्यों एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पूर्वी वन द्वारा समर्पित प्रतिवेदन के आलोक में एसएसपी ने बेनीबाद थाना में पदस्थापित दारोगा मौर्यन दिपांकरण, सिपाही सौरभ कुमार एवं चौकीदार गुल्टेन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।

विदित हो कि थानाध्यक्ष धीरेन्द्र कुमार सिंह 14 अगस्त को ही योगदान दिये है। जांच में इनकी भूमिका परिलक्षित नहीं हुई है। थानाध्यक्ष बेनीबाद से अपने अधीनस्थों पर नियंत्रण नहीं रखने के लिए स्पष्टीकरण की मांग की गई है।